Sitamarhi News: बोखड़ा. वर्षों से जर्जर और जलजमाव की समस्या से जूझ रही कुरहर चिकुआ टोल मुख्य सड़क के निर्माण की मांग को लेकर चल रहा अनशन बुधवार को समाप्त हो गया. करीब 36 घंटे से अनशन पर बैठे पिंटू कुमार को बीडीओ अमित कुमार अमन, सीओ गजानंद मेहता, प्रखंड प्रमुख सुधीर कुमार साह, मुखिया प्रतिनिधि डॉ. रामजानकी राय और पूर्व जिला पार्षद संदीप पटेल ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया.
Bokhra News: एक सप्ताह में सड़क को आवागमन लायक बनाने का आश्वासन
अनशन समाप्त कराने से पहले अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को सड़क पर तत्काल राबिस गिराकर उसे समतल कराने का आश्वासन दिया. प्रभारी बीडीओ अमित कुमार अमन, सीओ गजानंद मेहता, आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता बालेश्वर कुमार यादव और जेई आबिद रुखसान ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर सड़क को आवागमन के लायक बनाने का प्रयास किया जाएगा.
अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद पिंटू कुमार ने अपना अनशन समाप्त किया.
सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने की दी जानकारी
अधिकारियों ने बताया कि कुरहर चिकुआ टोल मुख्य सड़क के स्थायी निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है. हालांकि, निर्माण से जुड़ी निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने में कुछ समय लग सकता है. अधिकारियों ने कहा कि स्थायी निर्माण कार्य को भी जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा.
बड़े-बड़े गड्ढों और जलजमाव से परेशान हैं ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क लंबे समय से जर्जर है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं. बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है.
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की खराब स्थिति के कारण आवागमन प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है. स्थानीय लोगों ने सड़क का स्थायी निर्माण जल्द कराने की मांग की है.
जाम समाप्त कराने में जनप्रतिनिधियों ने किया सहयोग
अनशन और सड़क निर्माण की मांग को लेकर हुए आंदोलन के दौरान जाम की स्थिति भी बनी थी. जाम समाप्त कराने में प्रखंड प्रमुख सुधीर कुमार साह, थानाध्यक्ष ललन कुमार, मुखिया प्रतिनिधि डॉ. रामजानकी राय, पूर्व जिला पार्षद सह जदयू जिला महासचिव संदीप कुमार पटेल, पैक्स अध्यक्ष विवेक चंद्र मोदी और पंचायत समिति सदस्य गणेश सहनी ने सहयोग किया.
आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो फिर आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की तत्काल स्थिति सुधारने के लिए एक सप्ताह के अंदर राबिस डालने का आश्वासन दिया गया है. साथ ही स्थायी निर्माण की स्वीकृति की जानकारी भी अधिकारियों ने दी है.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि आश्वासन के अनुसार समय पर कार्रवाई नहीं हुई और सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
आंदोलन में रूपेश पटेल, विजय पटेल, पिंटू पटेल, कौशल पटेल, रॉकी पटेल, भूषण पटेल, रोशन पटेल, शशि शर्मा, सुरेंद्र पटेल, संजय पटेल, कृष्णा पटेल, सोनू पटेल और रोहित पटेल समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे.
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