बच्चों की तुलना नहीं, उनकी प्रतिभा पहचानें... अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में दिया गया खास संदेश

सीतामढ़ी के झपहा उर्दू मध्य विद्यालय में आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में बच्चों की तुलना न करने और उनकी व्यक्तिगत प्रतिभा को पहचानने पर जोर दिया गया. समावेशी शिक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया.

Sitamarhi News: प्रखंड के मध्य विद्यालय झपहा उर्दू में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में अभिभावकों और शिक्षकों ने बच्चों की शिक्षा, सीखने की प्रक्रिया और उनके सर्वांगीण विकास पर चर्चा की.

संगोष्ठी को आकर्षक बनाने के लिए विद्यालय के प्रवेश द्वार को गुब्बारों, बैनर और सेल्फी प्वाइंट से सजाया गया था.

वर्गवार संवाद से हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत वर्ग शिक्षकों और अभिभावकों के बीच वर्गवार संवाद से हुई. इसके बाद सभी की सामूहिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें बच्चों की पढ़ाई और प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ.

इस दौरान अभिभावकों ने भी अपने सुझाव साझा किए.

समावेशी शिक्षा पर दिया गया जोर

विद्यालय के प्रधानाध्यापक राशिद फहमी ने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य हर बच्चे को उसकी सामाजिक, आर्थिक, भाषाई, धार्मिक अथवा शारीरिक-मानसिक परिस्थितियों से ऊपर उठकर समान शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है.

उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में अलग-अलग प्रतिभा होती है. इसलिए बच्चों की आपस में तुलना करने के बजाय उनकी व्यक्तिगत क्षमता को पहचानकर उसे प्रोत्साहित करना अधिक जरूरी है.

अभिभावकों की भूमिका पर भी हुई चर्चा

संगोष्ठी में बच्चों के बेहतर शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास में अभिभावकों तथा शिक्षकों की साझा जिम्मेदारी पर भी चर्चा की गई.

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे.


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By Md. dulare

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