सीतामढ़ी में नया सवेरा अभियान 3.0, मानव तस्करी के खिलाफ बस स्टैंडों पर जागरूकता अभियान

बिहार पुलिस की ओर से "नया सवेरा अभियान 3.0" के तहत सीतामढ़ी के बस स्टैंडों पर मानव तस्करी, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया गया. इस अभियान का उद्देश्य आम जनता को इन गंभीर सामाजिक बुराइयों के प्रति सचेत करना और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है.

Sitamarhi News: बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में चलाए जा रहे "नया सवेरा अभियान 3.0" के तहत गुरुवार को जिले के विभिन्न बस स्टैंडों पर मानव तस्करी, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया. यह अभियान सीतामढ़ी पुलिस और अदिथि कवच परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया.

अभियान के दौरान यात्रियों, बस चालकों और कंडक्टरों को मानव तस्करी से जुड़े खतरों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई.

तस्करों के तौर-तरीकों की दी गई जानकारी

अभियान का नेतृत्व वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) मो. नजीब अनवर के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार सिंह ने किया.

इस दौरान लोगों को मानव तस्करों के तौर-तरीकों, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और ऐसी सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाने के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया.

बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी पर भी किया जागरूक

बाल पुलिस टीम और अदिथि कवच परियोजना के सदस्यों ने बताया कि मानव तस्करी केवल महिलाओं और बच्चों तक सीमित नहीं है.

उन्होंने कहा कि इसमें बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी, यौन शोषण और भीख मंगवाने जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं. लोगों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें.

समाज की भागीदारी पर दिया जोर

पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार सिंह ने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज को जागरूक कर मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक बुराई की रोकथाम में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है.

उन्होंने कहा कि समय पर दी गई सूचना कई लोगों की जिंदगी बचाने में मददगार साबित हो सकती है.

कई अधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद

अभियान में बाल अधिकार कार्यकर्ता मुकुंद कुमार चौधरी, पुअनि धर्मजीत महतो, पीटीसी जितेंद्र कुमार सहित पुलिस और अदिथि कवच परियोजना के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे.


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लेखक के बारे में

By राकेश कुमार राज

राकेश पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. राकेश क्राइम रिपोर्टिंग के अलावा सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने के लिए जाने जाते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति और दिलचस्प किस्से-कहानियों में उनकी विशेष रुचि है.

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