सीतामढ़ी. स्थानीय सदर अस्पताल व अनुमंडलीय अस्पताल समेत सूबे के इस तरह के 91 अस्पतालों में अब तक शवगृह कक्ष नहीं है, जहां शवों को सुरक्षित रखी जा सके. कई दशक बाद अब सरकार को शवों को सुरक्षित रखने के लिए शवगृह कक्ष की जरूरत की ओर ध्यान गया है. राज्य स्वास्थ्य समिति ने जिले के सदर अस्पताल व दो अनुमंडलीय अस्पतालों के अलावा सूबे के कुल 91 सदर/अनुमंडलीय अस्पतालों में स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए ””””””””शव चैंबर”””””””” की आपूर्ति कराने का निर्णय लिया है. — शवों को रखने की ठोस व्यवस्था नहीं
समिति के कार्यपालक निदेशक सुहर्ष भगत ने सभी सीएस को भेजे पत्र में कहा है कि जिला/अनुमंडलीय अस्पतालों में शव को सुरक्षित रखने के लिए वर्तमान में कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण परिजन को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई अवसरों पर शव का दावा ससमय प्राप्त नहीं होने एवं अन्य वैधानिक कारणों से शव को सुरक्षित रखने की आवश्यकता होती है. साथ ही, पोस्टमार्टम के क्रम में भी शव को रखने की अनिवार्यता होती है. कहा हैं कि चरण में राज्य के सभी सदर अस्पताल एवं अनुमंडलीय अस्पताल में ””””””””शव चैंबर”””””””” की आपूर्ति एवं अधिष्ठापन का निर्णय लिया गया है. ऐसे अस्पतालों की संख्या सूबे में 91 है. इसकी आपूर्ति का जिम्मा बीएमएसआइसीएल को सौंपी गयी है. जिले के सदर अस्पताल के साथ ही पुपरी व बेलसंड अनुमंडलीय अस्पताल को उक्त चैंबर की आपूर्ति मिलेगी.
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