बाल मजदूरी पुपरी: सीतामढ़ी जिले के पुपरी अनुमंडल क्षेत्र में बाल मजदूरी के खिलाफ श्रम प्रवर्तन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को सघन जांच अभियान चलाया. इस विशेष छापेमारी अभियान के दौरान कार्यस्थलों पर अवैध रूप से काम कर रहे तीन मासूम बाल मजदूरों को सकुशल विमुक्त कराया गया. विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से बाल श्रम कराने वाले नियोजकों और व्यवसायियों में हड़कंप मच गया.
दो ऑटो गैराज संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज
बाल श्रम पदाधिकारी परिजात परिमल के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के बाद स्थानीय पुपरी थाने में दो नियोजकों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है :
- मो सेराज : रजिस्ट्री ऑफिस रोड स्थित सेराज ऑटो सेंटर के संचालक (निवासी- बछारपुर)
- मनीष कुमार गौतम : बाजार समिति के निकट मिथिला ऑटो स्पेयर रिपेयरिंग के संचालक (निवासी- भदियन, नानपुर)
बाल संरक्षण और कानूनी कार्रवाई
श्रम विभाग की टीम ने बताया कि मुक्त कराए गए तीनों बच्चों को तत्काल बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है. बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, पुनर्वासित करने और विद्यालयों में नामांकन कराने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दुकानों, होटलों, ऑटो गैराज अथवा किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना कानूनन जुर्म है. नियमों का उल्लंघन करने वाले नियोजकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी.
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