पुपरी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: पुपरी अनुमंडल मुख्यालय सहित आसपास के तमाम ग्रामीण इलाकों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. क्षेत्र में शुक्रवार और शनिवार को दो दिनों तक जन्माष्टमी का पावन त्योहार अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा. इसको लेकर समूचा इलाका पूरी तरह कृष्णमय हो गया है. श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है.
मंदिरों में भव्य विद्युत सजावट और आकर्षक झांकियां
जन्माष्टमी को लेकर नगर और देहात के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भव्य तैयारी की गई है:
- मंदिरों का कायाकल्प: राधा कृष्ण मंदिर हरदिया, बौरा मंदिर, राम जानकी मंदिर और हनुमान मंदिर सहित सभी छोटे-बड़े देवालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर उन्हें रंग-बिरंगी दूधिया रोशनी से सजाया गया है.
- आकर्षक झांकियां: कई मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी लीलाओं पर आधारित मनमोहक झांकियां तैयार की जा रही हैं, जो भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगी.
- मध्यरात्रि में जन्मोत्सव: दोनों ही दिन मध्यरात्रि 12:00 बजे कान्हा के जन्म लेते ही शंखनाद और घंटे-घड़ियाल की गूंज के बीच महाआरती होगी तथा श्रद्धालुओं में पंजीरी व माखन-मिश्री का महाप्रसाद वितरित किया जाएगा.
बाजारों में बढ़ी रौनक और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
त्योहार के मद्देनजर पुपरी के बाजारों में भी जबरदस्त रौनक और चहल-पहल देखी जा रही है:
- सजावटी सामानों की मांग: दुकानों पर लड्डू गोपाल की नयनाभिराम प्रतिमाएं, आकर्षक झूले, बांसुरी, मोर पंख, मुकुट और रंग-बिरंगे परिधानों की खूब बिक्री हो रही है.
- भजन-कीर्तन का दौर: ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में शुक्रवार की शाम से ही अखंड संकीर्तन और भक्ति गीतों के कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे.
- प्रशासनिक सतर्कता: पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन ने चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले मंदिरों पर दंडाधिकारियों के साथ सुरक्षा बल तैनात किए हैं.
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