Sitamarhi News: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत अनुभव आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जवाहर नगर, सीतामढ़ी और पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक पांच, जयपुर के कक्षा चार के विद्यार्थियों के बीच विशेष शैक्षणिक गतिविधि आयोजित की गयी. यह गतिविधि हिंदी के ‘जयपुर से पत्र’ पाठ पर आधारित थी, जिसमें दोनों विद्यालयों के बच्चों ने पत्र लेखन के माध्यम से एक-दूसरे से संवाद किया.
प्रधानाध्यापक आरके रंजन और शिक्षिका अर्चना यादव के मार्गदर्शन में सीतामढ़ी के विद्यार्थियों ने जयपुर के बच्चों को पत्र लिखे. वहीं जयपुर की प्रधानाध्यापिका सुशीला और शिक्षक संजय मीणा के मार्गदर्शन में वहां के विद्यार्थियों ने सीतामढ़ी के बच्चों को पत्र लिखकर अपने अनुभव साझा किए. दोनों विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा लिखे गये पत्र डाक के माध्यम से एक-दूसरे तक पहुंचाए जाएंगे.
‘जयपुर से पत्र’ पाठ से शुरू हुआ संवाद
शैक्षणिक गतिविधि का आधार कक्षा चार की हिंदी पुस्तक का ‘जयपुर से पत्र’ पाठ रहा. इसी पाठ को वास्तविक अनुभव से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को दूसरे शहर के बच्चों से पत्र के माध्यम से संवाद करने का अवसर दिया गया.
पत्र लेखन के दौरान बच्चों ने अपने शहर, आसपास के वातावरण और स्थानीय विशेषताओं के बारे में जानकारी साझा की. इस गतिविधि से विद्यार्थियों को पत्र लिखने के साथ अपनी बात व्यवस्थित तरीके से दूसरे बच्चों तक पहुंचाने का अनुभव मिला.
Google Meet पर जुड़े सीतामढ़ी और जयपुर के बच्चे
पत्र लेखन के साथ दोनों विद्यालयों के विद्यार्थियों को Google Meet के माध्यम से ऑनलाइन जोड़ा गया. ऑनलाइन संवाद के दौरान बच्चों ने एक-दूसरे से बातचीत की और अपने-अपने शहरों के बारे में जानकारी साझा की.
विद्यार्थियों ने प्रमुख पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक विशेषताओं के बारे में बताया. इससे बच्चों को किताबों में पढ़ी जानकारी के अलावा दूसरे शहर के जीवन और संस्कृति को समझने का अवसर मिला.
पर्यटन और संस्कृति की साझा की जानकारी
Google Meet संवाद के दौरान सीतामढ़ी और जयपुर के विद्यार्थियों ने अपने-अपने शहरों की पहचान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. बच्चों ने स्थानीय पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में अपने अनुभव साझा किए.
इस दौरान विद्यार्थियों ने दूसरे शहर की जीवनशैली और स्थानीय विशेषताओं के बारे में भी जानकारी हासिल की. गतिविधि ने बच्चों के बीच सीखने और संवाद का एक नया माध्यम तैयार किया.
पत्र लेखन से बढ़ा संचार कौशल और आत्मविश्वास
विद्यालय की शिक्षिका रिजवाना ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में रचनात्मकता, संचार कौशल और आत्मविश्वास का विकास होता है. विद्यार्थियों को अपनी बात लिखकर और बोलकर रखने का अवसर मिलता है.
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में पत्र लेखन और नयी जानकारी हासिल करने को लेकर उत्साह भी देखने को मिला. गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने पढ़ाई को अपने अनुभवों और वास्तविक जीवन से जोड़कर समझने का प्रयास किया.
अनुभव आधारित शिक्षा पर दिया गया जोर
विद्यालय के प्राचार्य पंकज अग्रवाल और उप प्राचार्य आरके मीणा ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर अनुभवों के माध्यम से सीखने का अवसर देती हैं.
सीतामढ़ी और जयपुर के विद्यार्थियों के बीच पत्र और ऑनलाइन संवाद के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहभागी बनाया गया. दोनों विद्यालयों के बच्चों द्वारा लिखे गये पत्र अब डाक के माध्यम से एक-दूसरे तक भेजे जाएंगे, जिससे यह शैक्षणिक संवाद आगे भी जारी रहेगा.
