सीतामढ़ी के 48 गांवों में लगेगा हेल्थ कैंप, HIV से लेकर शुगर तक की होगी जांच

सीतामढ़ी के 48 चिन्हित हाई रिस्क गांवों में इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं. सितंबर 2026 से फरवरी 2027 तक चलने वाले इस अभियान में HIV, सिफलिस, हेपेटाइटिस-बी, सी, एनीमिया और ब्लड शुगर की जांच की जाएगी. विशेष फोकस हाई रिस्क ग्रुप और प्रवासी मजदूरों पर रहेगा.

Sitamarhi News: सीतामढ़ी. HIV समेत अन्य संक्रामक रोगों की समय पर पहचान और उपचार के लिए जिले के 48 चिन्हित हाई रिस्क गांवों में इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग ने सितंबर 2026 से फरवरी 2027 तक चलने वाले इस अभियान की शुरुआत कर दी है. सिविल सर्जन डॉ. आरके यादव, जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. जेड जावेद समेत विभागीय अधिकारियों ने जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच वाहन दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

48 हाई रिस्क गांवों में लगाए जाएंगे हेल्थ कैंप

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के 48 चिन्हित हाई रिस्क गांवों में इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप आयोजित किए जाएंगे. अभियान का उद्देश्य संक्रामक रोगों की समय पर पहचान करना और संदिग्ध लोगों को जांच एवं उपचार की आगे की प्रक्रिया से जोड़ना है.

सितंबर 2026 से फरवरी 2027 तक चलने वाले इस अभियान के दौरान गांवों में स्वास्थ्य जांच के साथ लोगों को संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी जाएगी.

HIV समेत छह तरह की जांच की सुविधा

इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप में HIV के साथ सिफलिस, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, एनीमिया और ब्लड शुगर की जांच की जाएगी.

स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को एक ही स्थान पर प्राथमिक स्तर की जरूरी जांच और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध हो सके.

हाई रिस्क ग्रुप और प्रवासी मजदूरों पर विशेष फोकस

अभियान के दौरान हाई रिस्क ग्रुप के साथ प्रवासी मजदूरों, वाहन चालकों और इंजेक्शन के माध्यम से नशीली दवाओं का सेवन करने वाले लोगों को स्वेच्छा से जांच के लिए प्रेरित किया जाएगा.

इन समूहों के बीच जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर वे समय पर जांच और उपचार करा सकें.

संदिग्ध मिलने पर आगे की जांच और उपचार

जांच के दौरान किसी व्यक्ति में बीमारी के संकेत या संदिग्ध परिणाम मिलने पर उसे आवश्यक परामर्श दिया जाएगा. इसके बाद जरूरत के अनुसार आगे की जांच और उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा जाएगा.

इससे बीमारी की पहचान के बाद मरीजों को उपचार की अगली प्रक्रिया तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.

जागरूकता के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी

इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप में केवल जांच ही नहीं, बल्कि लोगों को संक्रमण से बचाव और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी. विभाग का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ समय पर जांच के लिए प्रेरित करना है.

स्वास्थ्य जांच वाहन दल को रवाना किए जाने के बाद अभियान को जिले के चिन्हित गांवों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है.

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लेखक के बारे में

By चंद्र मोहन झा

चंद्रमोहन विगत 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे जिला और ब्लॉक स्तर पर क्राइम तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी संवेदनशील खबरों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के समसामयिक मुद्दों पर सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं.

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