Sitamarhi health department: सीतामढ़ी जिला के अनुमंडलीय अस्पताल बेलसंड में कोरोना महामारी के दौरान मरीजों की सुविधा के लिए स्थापित किया गया ऑक्सीजन जनरेटिंग प्लांट अब सफेद हाथी साबित हो रहा है. उचित देखरेख और रखरखाव के अभाव में यह प्लांट पूरी तरह बंद पड़ा है, जिससे आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों को ऑक्सीजन के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
400 लीटर प्रति मिनट थी उत्पादन क्षमता, सभी 50 बेडों से जुड़ी थी पाइपलाइन
इस ऑक्सीजन प्लांट को 'ब्रेवो एरिजिट' कंपनी ने अस्पताल को डोनेट किया था. इसकी उत्पादन क्षमता 400 लीटर प्रति मिनट थी. प्लांट लगने के बाद अस्पताल के सभी पचास बेड पर पाइपलाइन के जरिए सीधे ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की आधुनिक व्यवस्था की गई थी. कोरोना काल में जब चारों तरफ ऑक्सीजन सिलेंडर की भारी किल्लत थी, तब इस प्लांट ने सैकड़ों मरीजों की जान बचाकर बड़ी राहत दी थी.
कंप्रेसर खराब और टेक्नीशियन भी गायब, 2 साल से पड़ा है बेकार
प्लांट शुरू होने के कुछ सालों तक तो सब ठीक चला, लेकिन बाद में देखरेख न होने से इसके कंप्रेसर और मशीनों में तकनीकी खराबी आ गई. रही-सही कसर स्वास्थ्य विभाग के एक फैसले ने पूरी कर दी. लगभग दो साल पहले विभाग ने इस प्लांट को संचालित करने वाले टेक्नीशियन को भी हटा दिया. तब से लेकर आज तक यह प्लांट पूरी तरह बंद और बेकार पड़ा है, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं
