750 रुपये गन्ना भाव से जमीन बचाने तक, रीगा में किसानों की महापंचायत ने बढ़ाई सरकार की चिंता

रीगा में संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा की महापंचायत में किसानों ने गन्ने का भाव ₹750 प्रति क्विंटल करने, एमएसपी को कानूनी गारंटी देने और सैटेलाइट सिटी प्रोजेक्ट वापस लेने की जोरदार मांग उठाई. भूमि अधिग्रहण और लैंड पुलिंग के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया गया.

Sitamarhi News: गन्ने का मूल्य 750 रुपये प्रति क्विंटल करने, सूखा एवं सिंचाई की समस्या का समाधान करने तथा सैटेलाइट सिटी प्रोजेक्ट वापस लेने समेत किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर रविवार को रीगा स्थित किसान भवन में संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में किसान महापंचायत आयोजित की गई. अध्यक्षता युवा किसान नेता सत्यम प्रकाश ने की. महापंचायत में किसान नेताओं ने भूमि अधिग्रहण और लैंड पुलिंग के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया.

गन्ना मूल्य 750 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग

महापंचायत के मुख्य अतिथि किसान नेता एवं सांसद सुधाकर सिंह ने किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों के उचित मूल्य का सवाल पूरे देश के किसानों के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने गन्ने का मूल्य 750 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने और एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की मांग उठाई.

एमएसपी कानून को लेकर सरकार पर साधा निशाना

सांसद सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार एमएसपी को लेकर किए गए वादों से पीछे हट रही है. उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने के लिए प्रभावी कानून जरूरी है. कृषि उत्पादों के दाम के सवाल पर किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की गई.

सैटेलाइट सिटी प्रोजेक्ट वापस लेने की मांग

मोर्चा के उत्तर बिहार संयोजक एवं भूमि बचाओ संघर्ष समिति के नेता डॉ. आनंद किशोर ने सैटेलाइट सिटी प्रोजेक्ट का विरोध किया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना से किसान और मजदूर अपनी जमीन से प्रभावित हो सकते हैं.

उन्होंने सरकार से आंदोलनकारी किसानों के साथ बातचीत करने और जनप्रतिनिधियों से किसानों के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. साथ ही खेत और गांव के हितों के विपरीत बताए जा रहे प्रोजेक्ट को वापस लेने की मांग उठाई.

लैंड पुलिंग और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान

महापंचायत में लैंड पुलिंग के तहत करीब तीन लाख एकड़ भूमि तथा भूमि अधिग्रहण के तहत प्रस्तावित 50 हजार एकड़ जमीन के मुद्दे पर भी चिंता जताई गई. किसान नेताओं ने कृषि भूमि की रक्षा और किसानों के अधिकारों को प्राथमिकता देने की मांग की.

वक्ताओं ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा किसानों को एकजुट कर संघर्ष तेज किया जाएगा.

सूखा और सिंचाई की समस्या भी उठी

किसानों ने क्षेत्र में सूखे और सिंचाई से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने सरकार से सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो.

कई किसान नेताओं ने महापंचायत को किया संबोधित

महापंचायत को राष्ट्रीय नेता सुबोध पटेल, पूर्व विधायक सुनील कुशवाहा, मोर्चा जिलाध्यक्ष जलंधर यदुवंशी समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया. स्वागत मोर्चा अध्यक्ष पारसनाथ सिंह ने किया, जबकि मंच संचालन शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया. धन्यवाद ज्ञापन पूर्व विधायक मुकेश कुमार यादव ने किया.

कार्यक्रम में राकेश झा, अमरेंद्र राय, अवधेश यादव, अश्विनी कुमार मिश्र, शंकर मंडल, राजनंदन गांधी, ब्रजमोहन मंडल, सत्येंद्र सिंह, कौशल किशोर सिंह, रामजनम गिरी, रणधीर यादव, ट्रेड यूनियन नेता रामबाबू राय, चुन्नू सिंह, नरेंद्र यादव, जगदीश यादव, श्याम बिहारी पंडित, राम विवेक सिंह, अवधेश सिंह, रोहित पाठक, दर्शन बैठा, मुकेश कुमार, जय किशोर यादव, सिकंदर महतो, त्रिपुरारी सुमन समेत कई किसान नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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लेखक के बारे में

By राकेश कुमार राज

राकेश पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. राकेश क्राइम रिपोर्टिंग के अलावा सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने के लिए जाने जाते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति और दिलचस्प किस्से-कहानियों में उनकी विशेष रुचि है.

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