पुपरी. कृषि विज्ञान केंद्र बलहा मकसूदन सीतामढ़ी के प्रशिक्षण सभागार में बुधवार को पांच दिवसीय वैज्ञानिक विधि से बकरी पालन आधारित प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ. उद्घाटन केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ राम ईश्वर प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया. डॉ प्रसाद ने बताया कि बकरी एक बहुपयोगी पशु है. जिससे मांस, दूध एवं उर्वरक की प्राप्ति होती है. इसके माध्यम से अच्छी आमदनी प्राप्त हो सकता है. पशु चिकित्सा वैज्ञानिक सह प्रशिक्षण प्रभारी डॉ किंकर कुमार, उद्यान वैज्ञानिक मनोहर पंजीकार, गृह वैज्ञानिक डॉ सलोनी चौहान, सस्य वैज्ञानिक सच्चिदानंद प्रसाद व प्रसार वैज्ञानिक डॉ पिनाकी रॉय ने आधुनिक तरीके से बकरी पालन करने की जानकारी दी. कहा कि बकरियों से बेहतर मांस प्राप्त अथवा बेहतर दूध उत्पादन के लिए बेहतर आहार प्रबंधन का होना आवश्यकता है. इसके लिए हरा चारा, सूखा चारा, दाना, खनिज मिश्रण का बेहतर प्रबंधन काफी आवश्यक है. बकरी पालक हरे चारे के रूप में बारसीम, नेपियार, बाबुल, आम, पीपल का उपयोग किया जा सकता है. सूखा चारा के रूप में दलहनी फसल की सुखी पत्ती, भूसा इत्यादि का प्रयोग कर सकते है. वहीं दाना एवं खनिज मिश्रण के रूप में एग्रीमिन, मिनफा, चोकर, खल्ली, नमक इत्यादि का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन कर सकते हैं. कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडो से सत्येंद्र कुमार, सुधीर मिश्रा, कृष्ण कुमार, पवन कुमार, कुंज कुमार व नौशाद अंसारी समेत अन्य किसानों ने भाग लिया.
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