रीगा के पूर्व मुखिया राम अशीष राम का निधन, 16 वर्षों तक संभाली थी पंचायत की कमान

रीगा पंचायत के पूर्व मुखिया राम अशीष राम का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

Riga Mukhiya Demise:  प्रखंड अंतर्गत द्वितीय पंचायत के लोकप्रिय पूर्व मुखिया राम अशीष राम (92) का शनिवार की देर शाम उनके पैतृक गांव शिव नगर में निधन हो गया. उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. राम अशीष राम अपने पीछे सामाजिक समरसता और विकास की एक अमूल्य विरासत छोड़ गए हैं, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा.

प्रखंड के पहले अनुसूचित जाति के मुखिया थे राम अशीष राम 

दिवंगत पूर्व मुखिया राम अशीष राम बेहद सरल, मृदुभाषी और मिलनसार स्वभाव के धनी व्यक्ति थे. वे रीगा प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले पहले मुखिया बने थे. उन्होंने अपने कार्यकाल में जाति-पाति से ऊपर उठकर समाज के सभी वर्गों, धर्मों और तबके के लोगों को हमेशा एक साथ लेकर चलने का काम किया. वर्ष 2001 में पहली बार लोकतांत्रिक तरीके से मुखिया चुने जाने के बाद वे जनता के बीच अपनी अटूट लोकप्रियता के कारण लगातार 16 वर्षों तक इस गरिमामयी पद पर आसीन रहे और पंचायत के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया.

किसान नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने जताया गहरा शोक

उनके इस आकस्मिक निधन पर क्षेत्र के कई गणमान्य प्रबुद्ध लोगों और समाजसेवियों ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है. शोक व्यक्त करने वालों में प्रमुख रूप से किसान नेता डॉ. आनंद किशोर, पारसनाथ सिंह, संजीव कुमार चौधरी, पूर्व मुखिया सरयुग प्रसाद, सुरेश कुमार, शंभू पासवान, मोहन राम, हरिओम कुमार, पंचायत समिति सदस्य (पंसस) अरुण सिंह, शिक्षक विनोद राम, प्रमोद कुमार, प्रधानाध्यापक प्रेम प्रकाश मंडल और रामकृपाल ठाकुर समेत अन्य कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और बुद्धिजीवी शामिल हैं. सभी ने इसे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है.


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लेखक के बारे में

फणींद्र विगत 16 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें समस्यात्मक, प्रशासनिक एवं जमीनी स्तर की प्रखंड से जुड़ी खबरों को बारीकी से तराशने का गहरा अनुभव प्राप्त है. वे स्थानीय मुद्दों को निष्पक्षता से उठाने के लिए जाने जाते हैं.

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