चोरौत. धौंस नदी के जलस्तर में कमी आने के बावजूद मधुबनी जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण बाढ़ की स्थिति यथावत बनी हुई है. मधुबनी जिला के मधवापुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत तैराया पंचायत के पतार एवं अंदौली गांव में टूटे तटबंध का अब तक मरम्मत कार्य पूर्ण नहीं हो सका है. जानकारी के अनुसार, पतार में मरम्मत के बाद एक बार फिर से तटबंध टूट गया है. वहीं, अंदौली में तटबंध तटबंध टूट जाने के तीन दिन बाद शुक्रवार को मरम्मत कार्य शुरू कराया गया. पतार में टूटे तटबंध का मरम्मत कार्य करवा रहे अभिकर्ता ने बताया कि विभाग द्वारा समुचित दिशा- निर्देश एवं आवश्यकता के अनुरूप बोरा उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है. वहीं, कार्य स्थल पर उपस्थित जेई ने बताया कि आम का पेड़ गिरने के कारण एक बार फिर से तटबंध टूट गया है. — अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में वृद्धि शुरू इधर, प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली अधवारा समूह की विभिन्न नदियों के जलस्तर में एक बार फिर से वृद्धि शुरू हो गई है, जिसके चलते यदुपट्टी व परिगामा पंचायत के जोगिया, भंटाबारी पंचायत के घुघला में अल्पसंख्यक मुहल्ला, भंटाबारी, चोरौत पूर्वी पंचायत के सकरम एवं बररी बेहटा पंचायत के बररी वार्ड संख्या सात व आठ के दर्जनों परिवार के घरों में पानी प्रवेश कर गया है. घर में रखे अनाज समेत अन्य सामग्री बर्बाद हो गया है. चोरौत पूर्वी पंचायत के सकरम गांव निवासी नागेंद्र ठाकुर, बेचन कुमार ठाकुर, नागेश्वर राम, राजदेव राम व जेवरी देवी का घर गिर गया है. स्थानीय लोगों द्वारा बाढ़ की स्थिति भयावह होने का मुख्य कारण अधवारा समूह की रातों नदी में समुचित तटबंध का अभाव तो मधुवनी जिला के पतार एवं अंदौली गांव के समीप मंगलवार को टूटे तटबंध से पानी निकलना बताया गया है. स्थिति यह है कि लोग अपना घर छोड़कर ऊंचे स्थान पर जाने को विवश है. हजारों एकड़ में लगे धान की फसल पानी में गल कर बर्बाद हो रहा है. मवेशियों के लिए चारा मिलना भी मुश्किल हो गया है. जलस्तर में वृद्धि के कारण बररी बेहटा पंचायत मुख्यालय से पंचायत के बलसा जाने वाली सड़क व ही डुमरबाना से परिगामा जाने वाली सड़क पर कई स्थानों पर पानी का बहाव होने के कारण लोग जान को हथेली पर लेकर आवागमन कर रहे हैं.
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