परसौनी में बाढ़ अनुश्रवण समिति की बैठक, देर से पहुंचीं सीडीपीओ की हाजिरी रोकी

मैलवार पंचायत भवन में हुई बाढ़ अनुश्रवण समिति की बैठक में प्रखंड प्रमुख अंशु सिंह ने सीडीपीओ कुसुम कुमारी को देर से पहुंचने पर फटकार लगाई. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की अनुपस्थिति पर भी मांगा स्पष्टीकरण.

Sitamarhi News: संभावित बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा को लेकर सोमवार को मैलवार पंचायत भवन में बाढ़ अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक के दौरान देर से पहुंचीं सीडीपीओ कुसुम कुमारी को प्रखंड प्रमुख ने फटकार लगाई और उनकी हाजिरी बनाने से रोक दिया.

बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख अंशु सिंह ने की. इसमें बीडीओ महेश चंद्र, सीओ मनीषा कुमारी, बीपीआरओ अभिनव गिरी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.

देर से आने पर प्रमुख ने जताई नाराजगी

बैठक शुरू होते ही सीडीपीओ के विलंब से पहुंचने पर माहौल गर्म हो गया. प्रखंड प्रमुख ने कहा कि सरकारी बैठकों में समय पर उपस्थित नहीं होना अनुशासनहीनता है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर नहीं पहुंचने वाले अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं की जाएगी. ऐसे मामलों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजकर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से भी मांगा जवाब

बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. तौसीफ अहमद की अनुपस्थिति पर भी प्रमुख ने नाराजगी जताई और स्पष्टीकरण मांगा.

उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण सर्पदंश के मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है. स्वास्थ्य विभाग से तत्काल व्यवस्था सुधारने और डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की गई.

बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में सीओ मनीषा कुमारी ने बताया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए नाव, पॉलीथिन, राहत शिविर और खाद्यान्न जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं.

उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके.

लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

बैठक के अंत में प्रखंड प्रमुख अंशु सिंह ने कहा कि आपदा के समय किसी भी विभाग की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और बाढ़ की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.


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लेखक के बारे में

राकेश पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. राकेश क्राइम रिपोर्टिंग के अलावा सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने के लिए जाने जाते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति और दिलचस्प किस्से-कहानियों में उनकी विशेष रुचि है.

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