खाद बुकिंग सीतामढ़ी: जिले के किसानों को अब खरीफ और रबी फसलों के लिए खाद की किल्लत और दुकानों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने उर्वरक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाने के लिए ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (एफएफएस) डिजिटल प्रणाली विकसित की है. इसके माध्यम से किसान घर बैठे मोबाइल से खाद की बुकिंग कर सकेंगे. यह ऐप जमीन के रकबे और फसल के आधार पर खाद की सटीक मात्रा निर्धारित करेगा.
एक सितंबर से जिले में लागू होगी एफएफएस व्यवस्था
सूबे के पांच जिलों में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद द्वितीय चरण में सीतामढ़ी को शामिल किया गया है. जिले में 1 सितंबर से यह व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी. खाद खरीद के लिए किसानों को फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य होगा.
- पात्रता का दायरा: अपनी जमाबंदी वाले रैयत, पूर्वजों के नाम वाली जमीन के किसान और गैर-जमाबंदी भू-स्वामी इसके पात्र होंगे.
- बटाईदार भी शामिल: सामुदायिक, मंदिर, सरकारी, संस्थागत अथवा निजी भूमि पर खेती करने वाले सभी बटाईदार भी ऑनलाइन बुकिंग करा सकेंगे.
- पारदर्शिता: खुदरा विक्रेता के पीओएस मशीन पर क्यूआर कोड स्कैन कर निर्धारित मात्रा में खाद का उठाव होगा, जिससे कालाबाजारी रुकेगी.
उर्वरक आवेदन एवं उठाव की आसान प्रक्रिया
किसान अपने मोबाइल में एफएफएस ऐप डाउनलोड कर आधार विवरण, ओटीपी या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए लॉगिन करेंगे. इसके बाद प्लॉट का विवरण और फसल का चयन करेंगे. सिस्टम स्वतः पूरे सीजन के लिए खाद की मात्रा तय कर देगा. इसके बाद किसान नजदीकी विक्रेता का चयन कर क्यूआर कोड जेनरेट करेंगे. यह क्यूआर कोड तीन दिनों तक वैध रहेगा, जिसके बाद वह स्वतः रद्द हो जाएगा. डीएओ शांतनु कुमार ने बताया कि किसानों की मदद के लिए सीएससी व कृषि कर्मियों को निर्देशित किया गया है तथा विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा.
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