Sitamarhi News: सीतामढ़ी में जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम में कथित घोटालों, आउटसोर्सिंग कार्यों में गड़बड़ी और अवैध संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों की जांच के लिए संयुक्त धावा दल का गठन किया है. हाल ही में बेगुसराय स्थानांतरित हुए निवर्तमान डीएम रिची पांडेय ने स्थानांतरण से पूर्व 20 अगस्त 2026 को जांच का आदेश जारी किया.
अपर समाहर्ता की अगुवाई में टीम करेगी जांच
डीएम के आदेश के अनुसार अपर समाहर्ता को जांच दल का संयोजक बनाया गया है. टीम में वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) और भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. यह टीम मेजरगंज के परिवादी संतोष कुमार द्वारा दायर शिकायत में उल्लिखित बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट जल्द जिलाधिकारी को सौंपेगी.
तत्कालीन अधिकारियों के सहयोगियों पर गंभीर आरोप
परिवाद में विशेष निगरानी इकाई, पटना के कांडों का हवाला देते हुए तत्कालीन डीएम और तत्कालीन नगर आयुक्त के कथित सहयोगियों पर सरकारी राशि के दुरुपयोग और अवैध संपत्ति बनाने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने एक एनजीओ और उससे जुड़े लोगों पर प्रभाव का इस्तेमाल कर दोनों विभागों में काम हासिल करने और मनमाने भुगतान कराने का दावा किया है.
डस्टबिन, सीसीटीवी और सफाई में अनियमितता
शिकायत में नगर निगम में डस्टबिन खरीद, सीसीटीवी कैमरों की खरीदारी, दुकानों के आवंटन, नाला सफाई और सड़क निर्माण कार्यों में भारी गड़बड़ी के आरोप हैं. वहीं स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2008 से जारी आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि 2020 में तय अल्पकालीन दरों को लंबे समय तक जारी रखकर वित्तीय अनियमितता की गई.
कोर्ट के आदेशों और रिकॉर्ड्स की होगी समीक्षा
मामले में पटना हाईकोर्ट के 2022 के एक आदेश का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उचित मंच पर शिकायत रखने की स्वतंत्रता दी थी. गठित जांच टीम अब सभी सरकारी दस्तावेजों, निविदा प्रक्रियाओं, कार्यादेशों और भुगतान से जुड़े अभिलेखों की सूक्ष्मता से जांच करेगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी.
