Sitamarhi : अनियंत्रित होकर 20 फीट गड्ढे में पलटी बस, 10 यात्री जख्मी, दो गंभीर

जिले के सुप्पी थाना क्षेत्र के मोहनी मंडल रेलवे गुमटी के पास शनिवार की सुबह करीब छह बजे यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे 20 फीट गड्ढे में पलट कर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी.

सीतामढ़ी/सुप्पी. जिले के सुप्पी थाना क्षेत्र के मोहनी मंडल रेलवे गुमटी के पास शनिवार की सुबह करीब छह बजे यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे 20 फीट गड्ढे में पलट कर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. इस दुर्घटना में बस में सवार 10 यात्री जख्मी हो गये. गंभीर रुप से जख्मी यात्रियों में दो महिलाओं को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, अन्य जख्मी व्यक्तियों का इलाज निजी क्लीनिक में कराया गया. बताया जा रहा है कि चालक की जगह बस का खलासी ड्राइव कर रहा था. बस में चालक, खलासी व कंडक्टर समेत कुल 45 व्यक्ति सवार थे.

जानकारी के मुताबिक, बस (बीआर 30पीए 9861) मेजरगंज प्रखंड के बसबिट्टा बाजार से सीतामढ़ी, बेलसंड व मुजफ्फरपुर के रास्ते पटना जा रही थी. ऑटो से साइड लेेने के क्रम में अनियंत्रित होकर बस गड्ढे में जा पलटी. बस के पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गयी. जबकि बस ड्राइव कर रहा खलासी कुदकर भाग निकला. दुर्घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी. ग्रामीणों ने बस से यात्रियों को बाहर निकाला. सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष विष्णुदेव कुमार ने दल बल के साथ पहुंचकर छानबीन की. थानाध्यक्ष ने बताया कि बस चालक की लापरवाही की वजह से यह दुर्घटना हुई है. जख्मी बेलसंड थाना क्षेत्र के कुईं गांव निवासी मंजू देवी (60) और रिंकू देवी(30) मोहनी मंडल में अपने रिश्तेदार के यहां किसी समारोह में शामिल होकर वापस घर लौट रही थीं. रिंकू देवी के सिर में चोट लगी है. वहीं, मंजू देवी के दाहिने हाथ में गंभीर चोट है. अन्य जख्मी लोगों का इलाज परिजनों के द्वारा अलग-अलग अस्पताल में कराया गया. हालांकि सभी खतरे से बाहर हैं. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है.

लापरवाही : सीटी स्कैन के लिए तीन घंटे तक इंतजार करती रही जख्मी महिला

बस दुर्घटना में जख्मी बेलसंड थाना क्षेत्र की कुई निवासी सुजीत राय की पत्नी रिंकू देवी (30) को उसके दो वर्षीय पुत्र के साथ दुर्घटना के बाद परिजनों द्वारा इलाज के लिए आनन फानन में सदर अस्पताल लाया गया. लेकिन, अस्पताल की लचर व्यवस्था के कारण उसे सीटी स्कैन की लाइन में तीन घंटे तक लगे रहना पड़ा. पीड़ित महिला का सिर बुरी तरह चोटिल और दाहिना कंधा फ्रैक्चर था, हालांकि बच्चे को कोई चोट नहीं आयी थी. इमरजेंसी वार्ड में मलहम पट्टी के बाद जख्मी को सीटी स्कैन कराने को कहा गया. जहां पर्ची कटाने के बाद स्टाफ द्वारा लाइट नहीं होने का हवाला देते हुए इंतजार करने को कहा गया. इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद पीड़ित को इलाज के लिए इंतजार कराना सदर अस्पताल के लापरवाह कार्यशैली को दर्शाता है. जख्मी महिला ने बताया कि वह मोहनी मंडल चौक पर बस में सवार हुई थी और बेलसंड थाना क्षेत्र के कुई गांव स्थित अपने ससुराल जा रही थी. मोहनी मंडल रेलवे गुमटी पर चढ़ने के दौरान बस अनियंत्रित होकर नीचे गड्ढे में पलट गयी. बताया कि बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे. बस के अनियंत्रित होते ही उसने अपने बच्चे को पकड़ लिया, जिससे उसके बच्चे को एक खरोंच तक नहीं आयी, हालांकि की वह खुद बुरी तरह जख्मी हो गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RANJEET THAKUR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >