प्रशासनिक नाकामी सुरसंड: सुरसंड प्रखंड के पठनपुरा में मंगलवार को बदहाल विकास दावों की पोल एक दर्दनाक हादसे ने खोल दी. सरकारी तंत्र और जनप्रतिनिधियों की घोर अनदेखी से बदहाल कीचड़युक्त ग्रामीण सड़क पर पैर फिसलने से 70 वर्षीय वृद्ध भैंस व्यापारी कपिलदेव दास की मौके पर ही तड़प-तड़पकर जान चली गई. मृतक परिहार थाना क्षेत्र के सिरसिया उसरैना गांव के निवासी थे. यह हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि मूलभूत सड़क निर्माण में विफल भ्रष्ट सिस्टम और लापरवाह हुक्मरानों की बेरुखी का सीधा नतीजा है.
नर्क बनी सड़क पर फिसला पैर, बेबस व्यापारी की थम गईं सांसें
पठनपुरा निवासी पूर्व उपप्रमुख जावेद एकवाल मुन्ना के अनुसार, कपिलदेव दास अपने साथी के साथ दो भैंसों की रस्सी थामे गुजर रहे थे. विकास की बाट जोह रही कीचड़ और दलदल भरी राह पर बुजुर्ग का संतुलन बिगड़ा और वे सीधे मुंह के बल गिर पड़े:
- वर्षों से बदहाल सड़क पर चलना दूभर था, जिस पर न तो स्थानीय प्रतिनिधियों ने ध्यान दिया और न ही अफसरों ने.
- कीचड़ में गिरने के बाद वृद्ध को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया.
- साथी व्यापारी चीखता-चिल्लाता रह गया, लेकिन प्रशासन की बनाई इस बदहाली ने वृद्ध की जिंदगी छीन ली.
- घटना के बाद गांव में प्रशासनिक विफलता को लेकर जबरदस्त जनाक्रोश फैल गया.
बदहाल तंत्र से टूटा भरोसा, सिस्टम के पचड़े से बचकर शव ले गए परिजन
हादसे की सूचना पर मृतक के भाई ब्रह्मदेव दास और अन्य रोते-बिलखते परिजन पठनपुरा पहुंचे. मृतक का समधियाना पठनपुरा में युगलली दास के यहां था और ससुराल पास के राधाउर गांव में थी. परिजनों ने बदहाल व्यवस्था और कानूनी उलझनों से तंग आकर शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया. पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्वजन शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने पैतृक गांव ले गए. यह सवाल जस का तस खड़ा है कि ग्रामीण इलाकों में जानलेवा बनी सड़कों पर गिरती लाशों का जिम्मेदार कौन है.
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