Pupri Water Crisis: सीतामढ़ी जिले के पुपरी प्रखंड क्षेत्र से होकर बहने वाली अधवारा समूह की मरहा और बुढ़नद नदी का प्राकृतिक बहाव रुकने से पूरा इलाका भीषण पेयजल और सिंचाई संकट की चपेट में आ गया है. कभी क्षेत्र की जीवनदायिनी कही जाने वाली ये नदियां प्रशासनिक लापरवाही और अवैध अवरोधों के कारण सिमटकर नाले में तब्दील हो चुकी हैं.
भू-जल स्तर गिरने से तड़प रहे लोग
स्थानीय ग्रामीण जेपी झा, गुलाब ठाकुर, दिनेश्वर मिश्र, कुमार मंगलम्, अभिषेक कुमार मोना, विश्वनाथ साधु, भोगेंद्र गिरि और राजकुमार मंडल का कहना है कि तीन-चार साल पहले नदी का प्राकृतिक प्रवाह रोका गया था. इसके बाद से पिछले दो सालों में स्थिति बदतर हो गई है.
- सूखे हैंडपंप व मोटर: भू-जल स्तर काफी नीचे चले जाने से हजारों चापाकल सूख गए हैं और घरों के मोटर पानी नहीं खींच पा रहे हैं.
- फसलों का नुकसान: रबी और खरीफ फसलों की सिंचाई न होने से खेत सूख रहे हैं और मिट्टी की उर्वरता घट रही है.
- पेयजल किल्लत: भीषण गर्मी में लोग पीने के पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों और किसानों ने जताई पलायन की आशंका
क्षेत्रवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नदियों से अवरोध हटाकर उनके प्रवाह को बहाल नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह क्षेत्र विकराल जल संकट और भारी पलायन की समस्या से घिर जाएगा. ग्रामीणों ने प्रशासन से नदियों को पुनः जीवित करने की मांग की है.
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