Bihar Health Department Scam: सीतामढ़ी जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहाँ बोखड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से गुरुवार को दिनदहाड़े अस्पताल का कीमती सामान और बेहद जरूरी सरकारी दस्तावेज कबाड़ के भाव बेच दिए गए. स्थानीय ग्रामीणों ने जब अस्पताल परिसर से बोरियों में भरकर ठेले पर ले जाए जा रहे सामान को देखा, तो उन्होंने ठेला रोककर पूछताछ की. ग्रामीणों के विरोध के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है.
सरकारी रजिस्टर और लोहे का सामान बोरियों में बंद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अस्पताल परिसर से कुर्सियों के बेस, लोहे के अन्य सामान और सलाइन सेट के साथ-साथ अस्पताल के महत्वपूर्ण रजिस्टर और सरकारी कागजात बोरियों में भरकर ठेले से बाहर ले जाए जा रहे थे. ग्रामीणों का आरोप है कि कबाड़ की आड़ में मरीजों का डेटा और गोपनीय सरकारी रिकॉर्ड चोरी-छिपे बेचे जा रहे थे. कबाड़ खरीदने वाले व्यापारी ने बताया कि उसे अस्पताल प्रबंधक ने खुद बुलाया था और यह पूरा सामान महज 2,000 में सौदा तय कर बेचा गया, जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार इस सामग्री की असली कीमत लाखों में हो सकती है.
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हेल्थ मैनेजर और प्रभारी डॉक्टर के बयानों में टकराव
इस मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन के भीतर ही खींचतान शुरू हो गई है. अस्पताल प्रबंधक दिलीप कुमार का दावा है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दुर्गानंद झा की जानकारी में और वीडियोग्राफी कराकर ही अनुपयोगी सामान बेचा गया है. इसके विपरीत, प्रभारी डॉ. दुर्गानंद झा ने मैनेजर के दावों को खारिज करते हुए कहा कि मना करने के बावजूद हेल्थ मैनेजर ने यह सामग्री बेची. उन्होंने इस संबंध में वरीय अधिकारियों से शिकायत की है और प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा है. वहीं डेटा ऑपरेटर और सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि उन्हें इसकी कोई आधिकारिक सूचना नहीं थी. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और सिविल सर्जन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
बोखड़ा से केशव आनंद की रिपोर्ट
