शिक्षा विभाग का गजब कारनामा: डेढ़ साल पहले मृत शिक्षक को ट्रेनिंग का बुलावा, नहीं आए तो थमाया शोकॉज

बिहार में शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही! डेढ़ साल पहले सड़क हादसे में मृत शिक्षक अनुराग सिंह को ट्रेनिंग में हाजिर होने का फरमान. गैरहाजिर रहने पर दो बार थमाया शोकॉज नोटिस. विभाग ने मौत के बाद पत्नी को अनुकंपा का लाभ भी दिया था.

सीतामढ़ी के बोखड़ा से केशव आनंद की रिपोर्ट

विभागीय लापरवाही शिक्षक: शिक्षा विभाग के लापरवाह रवैये और आंख मूंदकर फाइलों को निपटाने का एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है. विभाग ने एक ऐसे शिक्षक को ट्रेनिंग में शामिल होने का फरमान भेजा, जिनकी मौत करीब डेढ़ साल पहले हो चुकी है. हद तो तब हो गई जब ट्रेनिंग में गैरहाजिर रहने पर मृत शिक्षक से दो-दो बार स्पष्टीकरण (शोकॉज) तलब कर लिया गया.

डेढ़ वर्ष पहले हादसे में गई थी जान

बोखड़ा प्रखंड के मध्य विद्यालय, बुधनगरा में कार्यरत विशिष्ट शिक्षक अनुराग सिंह (मूल निवासी: देवरिया, यूपी) की 26 फरवरी 2025 को पूर्वी चंपारण के मेहसी में सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो चुकी थी. विद्यालय और प्रखंड स्तर से इसकी आधिकारिक जानकारी विभाग के वरीय अधिकारियों को उसी समय लिखित रूप में दे दी गई थी.

ट्रेनिंग में नहीं पहुंचे तो मांगा जवाब

डायट, डुमरा में 31 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक शिक्षकों का आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया था. डायट की प्राचार्य कुमारी नेहा ने अनुपस्थित शिक्षकों की सूची जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को भेजी, जिसमें मृत शिक्षक का नाम भी शामिल था:

  • 12 सितंबर 2026: सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ ने पहली बार मृत शिक्षक समेत अन्य से जवाब मांगा.
  • 19 सितंबर 2026: जवाब न मिलने पर दोबारा मृत शिक्षक के नाम से कड़ा शोकॉज जारी कर दिया गया.

पत्नी को अनुकंपा की पेशकश, फिर भी मान रहे ‘जिंदा’

विभाग के तालमेल की पोल इस बात से भी खुलती है कि अनुराग सिंह की मृत्यु के तुरंत बाद विभाग ने उनकी पत्नी को अनुकंपा के आधार पर लिपिक पद के लिए नियुक्ति-पत्र भी जारी किया था (जिसे उन्होंने लेने से मना कर दिया था). एक तरफ अनुकंपा का लाभ देने की प्रक्रिया हुई, वहीं दूसरी शाखा उन्हें जिंदा मानकर नोटिस पर नोटिस थमाती रही.

अधिकारियों के बयानों में भारी विरोधाभास

प्रभारी बीईओ अजय कुमार के अनुसार विभाग को मौत की सूचना बहुत पहले दे दी गई थी. इसके विपरीत डीईओ राघवेंद्र मणि त्रिपाठी का कहना है कि प्रधान शिक्षक को इसकी सूचना देनी चाहिए थी. यदि जानकारी समय पर मिलती तो पत्र जारी नहीं होता. मामले की पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें: सीतामढ़ी के बेटे शांतनु ने किया कमाल, लगातार तीसरी बार UGC NET में पायी सफलता

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >