Sitamarhi News: सीतामढ़ी रेल परिक्षेत्र में चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है. 25 अगस्त को हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद रेल पुलिस और सुरक्षा बलों ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है. यात्रियों और रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों को पत्थरबाजी के खतरों की जानकारी देकर सहयोग की अपील की जा रही है.
संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई गई विशेष निगरानी
25 अगस्त की घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बलों ने पत्थरबाजी की आशंका वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष निगरानी शुरू की है. पुलिसकर्मी ट्रैक के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और आवश्यकता के अनुसार संबंधित स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है.
यात्रियों और ट्रैक किनारे रहने वालों से किया जा रहा संवाद
रेल थानाध्यक्ष के अनुसार जागरूकता अभियान के तहत ट्रेन यात्रियों, ट्रैक किनारे स्थित गुमटी और ढाबों के आसपास रहने वाले लोगों तथा लाइनमैन से संपर्क किया जा रहा है. उन्हें चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने से होने वाले नुकसान और कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी जा रही है.
यात्रियों से भी अपील की गई है कि ट्रेन पर पत्थरबाजी की कोई घटना दिखाई देने या किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि नजर आने पर तत्काल रेल पुलिस को सूचना दें.
पत्थरबाजी से यात्रियों को हो सकती है गंभीर चोट
रेल प्रशासन के अनुसार चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने से यात्रियों के सिर, आंख और चेहरे पर गंभीर चोट लग सकती है. इससे किसी यात्री की जान तक जाने का खतरा रहता है. पत्थर लगने से ट्रेन की खिड़कियों के शीशे और रेलवे की अन्य संपत्ति को भी नुकसान पहुंच सकता है.
लोको पायलट या गार्ड को चोट लगी तो बढ़ सकता है खतरा
रेलवे ने बताया कि यदि पत्थरबाजी की घटना में लोको पायलट या गार्ड घायल हो जाते हैं तो ट्रेन संचालन भी प्रभावित हो सकता है. ऐसी स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के साथ रेल परिचालन पर भी गंभीर असर पड़ सकता है और बड़ा हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है.
पत्थरबाजी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
जीआरपी और आरपीएफ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चलती ट्रेन पर पत्थरबाजी करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा. संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
रेल यात्रियों की सुरक्षा में आम लोगों से सहयोग की अपील
रेल पुलिस और आरपीएफ ने आम लोगों से रेल यात्रियों की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की है. सुरक्षा बलों का कहना है कि जागरूकता और समय पर सूचना के जरिए पत्थरबाजी जैसी घटनाओं पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सकती है.
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