निशानदेही पर एक और शातिर गिरफ्तार
सीतामढ़ी : व्यवसायियों से रंगदारी वसूलने के लिए फायरिंग की घटना को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी हरेंद्र सहनी के खास शागिर्दों में शामिल रवि कुमार व अवधेश कुमार ने पुलिस के सामने कई राज उगले है. जिला पुलिस के हत्थे चढ़े रवि और अवधेश ने हरेंद्र तक पहुंचने के लिए कई सुराग पुलिस को दिये है. अपराधियों के भूमिगत होने की आशंका को लेकर अभी सदस्यों के नाम का खुलासा नही किया गया है.
हरेंद्र के गिरोह में 19 शातिर शामिल :भाई जी के नाम से रंगदारी की मांग करने वाले हरेंद्र सहनी के गिरोह में कुल 18 अपराधी शामिल है. जो भाई जी के इशारा पर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते है. दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने हरेंद्र के एक और शागिर्द को गिरफ्तार किया है. जिससे जिला पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है.
रवि ने बताया है कि गिरोह का नेता हरेंद्र सहनी है. रवि ने आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्यों का छुपने का स्थान कुछ स्थानों के अलावा मुजफ्फरपुर भी बताया है. बताया है कि गिरोह के सदस्य देशी कट्टा, 9 एमएम का पिस्टल, 7.65 का पिस्टल व बम का इस्तेमाल करते है. रवि ने पुलिस को बताया है कि गिरोह का उद्देश्य उत्तर बिहार युवा आर्मी लिबरेशन पार्टी का दहशत फैला कर रंगदारी वसूलना है. दोनों से गिरोह के सदस्यों की शिनाख्त होने के बाद जिला पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है.
रवि और अवधेश वसूलते थे रुपया
:रवि और अवधेश ने स्वीकार किया है कि गिरोह के कहने पर रंगदारी देने के लिए तैयार व्यवसायी से दोनों रुपया वसूलते थे. रवि का कहना है कि वह विवेकानंद हॉस्टल में रहता था. रवि का कहना है कि वह हॉस्टल खाली कर मोहनपुर स्थित बबलू के डेरा में रहने लगा. जहां विवेक आता-जाता था. इसी दौरान विवेक के साथ एक दिन भाई जी व बुधन के अलावा एक और व्यक्ति उसके यहां आया और तीन दिन तक रुका. दूसरी दफा आने पर भाई जी आर्म्स के साथ आये, तो मना किया. मना करने पर लालच देकर गिरोह में शामिल कर लिया.
