बोखड़ा : प्रखंड के विभिन्न गांवों में पांच से 10 की संख्या में चापाकल खराब पड़े हुए हैं. गोरहौल शरीफ गांव में तो दर्जन भर चापाकल खराब है. कोई दो-चार माह से तो कोई चापाकल दो-चार वर्षों से खराब है. बोखड़ा ट्राइसेम भवन व खड़का गांव के रामलखन के घर के समीप लगा सरकारी चापाकल वर्षों से खराब पड़ा हुआ है.
खड़का दुर्गा चौक स्थित सुबोध झा के घर के समीप, प्रखंड कार्यालय के सामने व लक्ष्मीनिया टोल समेत अन्य स्थानों को मिला कर सैकड़ों चापाकल बेकार पड़े हुए हैं. खड़का गांव के जवाहर झा व मिथिलेश झा कहते हैं कि वर्षों से चापाकलों की मरम्मत नहीं करायी जा रही है. पूर्व में मिस्त्री को गांव में देखा भी जाता था तो अब उनका दर्शन दुर्लभ हो गया है. बोखड़ा के पैक्स अध्यक्ष जयकांत यादव कहते हैं कि चापाकलों की मरम्मत कराने के बजाये हर किसी का जोर नया चापाकल लगाने पर है.
