सांप्रदायिक सौहार्द को ले डीजीपी कर चुके हैं पुरस्कृत
पहली बार 2001 में बने थे मुखिया
सीतामढ़ी : जदयू के वरीय नेता हाजी ज्याउद्दीन खां को जिलाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया गया है. इससे पार्टी में खुशी की लहर है. सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर पुलिस सप्ताह में डीजीपी के द्वारा पुरस्कृत हो चुके ज्याउद्दीन के जिलाध्यक्ष बनने से दोनों संप्रदाय के पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है.
खुशी की लहर
साधारण परिवार से आने वाले डुमरा प्रखंड अंतर्गत तलखापुर निवासी स्व जनीफ खां के पुत्र हाजी ज्याउद्दीन खां अपने सामाजिक कार्यों की बदौलत वर्ष 2001 में मधुबन पंचायत के मुखिया बने. इससे पूर्व 1995 में सीएम नीतीश कुमार के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर और पूर्व जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह के आग्रह पर ज्याउद्दीन यूथ कांग्रेस को छोड़ कर समता पार्टी के प्राथमिक सदस्य बने. उस वक्त से आज तक वे, सीएम नीतीश के साथ पूरी वफादारी के साथ रहे. माना जा रहा है कि उनके वफादारी को देखते हुए उन्हें जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया है.
इस बीच ज्याउद्दीन जदयू के प्रदेश प्रतिनिधि, प्रदेश महासचिव, अल्पसंख्य प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष, राज्य परिषद सदस्य, बीस सूत्री सदस्य, जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति व जिला शिक्षा समिति के सदस्य और वर्तमान में मधुवन पंचायत के निर्विरोध पैक्स अध्यक्ष है. 2006 में आरक्षण लागू होने के बाद से अब तक उनकी पत्नी पंचायत की मुखिया है.
सार्वजनिक जीवन में रहने के कारण सांप्रदायिक सौहार्द के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के कारण वे वर्ष 2013 में तत्कालीन डीएम द्वारा सम्मानित भी हो चुके हैं. हाजी ज्याउद्दीन के जिलाध्यक्ष बनने पर जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह व छात्र नेता आनंद बिहारी सिंह ने सीएम नीतीश कुमार व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ट नारायण सिंह को हार्दिक बधाई दी है.
कहा है कि हाजी ज्याउद्दीन के जिलाध्यक्ष बनने से संगठन का विस्तार व मजबूत स्थिति होगी. ज्याउद्दीन के जिलाध्यक्ष बनने से दोनों समुदाय के पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है.
