नर्सिंग होम की जांच से मचा हड़कंप

जिला के प्रभारी मंत्री के आदेश के आलोक में शुरू की गयी जांच सीतामढ़ी. : गत दिन जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में जिला के प्रभारी मंत्री सह शिक्षा मंत्री डॉ अशोक चौधरी के आदेश के आलोक में गुरुवार को शहर के नर्सिंग होम व क्लिनिक की वैधता की जांच शुरू कर दी गयी. […]

जिला के प्रभारी मंत्री के आदेश के आलोक में शुरू की गयी जांच

सीतामढ़ी. : गत दिन जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में जिला के प्रभारी मंत्री सह शिक्षा मंत्री डॉ अशोक चौधरी के आदेश के आलोक में गुरुवार को शहर के नर्सिंग होम व क्लिनिक की वैधता की जांच शुरू कर दी गयी. जांच से हड़कंप मचा हुआ है. जांच को डीएम राजीव रौशन द्वारा गठित टीम में सदर एसडीओ संजयकृष्ण, कार्यपालक दंडाधिकारी शीला नाथ सिन्हा, डुमरा पीएचसी प्रभारी डॉ कामेश्वर सिंह के अलावा नगर थाना के अवर निरीक्षक सुमन मिश्रा शामिल हैं.
जांच दल सबसे पहले सदर अस्पताल के समीप डॉ नीलमणि की क्लिनिक की जांच की. डॉ नीलमणि नहीं थे. मौजूद महिला चिकित्सक डॉ नीलम रानी से जांच दल द्वारा पूछताछ की गयी. आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने के लिए डॉ नीलम रानी को अगले 48 घंटे का समय दिया गया. उसके बाद जांच दल आइ स्पेशलिस्ट डॉ एनके दास की क्लिनिक की जांच की. वहां डॉ दास से पूछताछ की गयी व आवश्यक कागजात अनुमंडल कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया.
वहां से जीवन दीप पॉलिक्लिनिक में छापेमारी की गयी. वहां संचालक अभय प्रसाद सिंह मौजूद नहीं थे. हालांकि दो चिकित्सक क्रमश: डॉ एके सिंह व डॉ पूनम सिन्हा मौजूद थे. चिकित्सक से जिला निबंधन प्राधिकार बोर्ड का निबंधन के अलावा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का प्रमाणप्रत्र, ऑपरेशन वेस्ट डिस्पोजल की स्थिति, चिकित्सीय प्रमाणपत्र समेत अन्य सभी आवश्यक कागजात दिखाने के लिए कहा गया. चिकित्सक पूनम सिन्हा व एके सिंह द्वारा बताया गया कि निबंधन का काम प्रोसेस में है. हालांकि श्रम विभाग का प्रमाणपत्र होने की बात बतायी गयी. दोनों चिकित्सकों से डिग्री के बारे में पूछताछ की गयी,
तो डॉ एके सिंह द्वारा एमबीबीएस व डॉ पूनम सिन्हा द्वारा कामेश्वर सिंह आयुर्वेद संस्थान से आयुष में बीएएमएस की डिग्री होने की बात बतायी गयी.
आयुष चिकित्सक, दवा एलोपैथिक : पूछा गया कि आयुष चिकित्सक एलोपैथिक दवा लिख सकते हैं क्या? जवाब में डॉ पूनम सिन्हा का कहना था कि सभी पीएचसी में आयुष चिकित्सक हैं, कोई भी चिकित्सक आयुर्वेदिक दवा नहीं लिखते हैं. सभी आयुष चिकित्सक एलोपैथिक दवा ही लिखते हैं. इन्हें भी सभी प्रमाणपत्रों के साथ 48 घंटे के अंदर अनुमंडल कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया. इसके बाद जांच दल डॉ शिवजी साह की क्लिनिक में छापेमारी की गयी.
वहां चिकित्सक मौजूद थे. उनसे पूछताछ की गयी व आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया. चिकित्सक डॉ साह द्वारा अगले दिन सभी कागजात प्रस्तुत करने की बात कही गयी. पास स्थित अभिनंदन जांच घर की जांच की गयी. वहां डॉ दीपक कुमार मौजूद नहीं थे. हालांकि एक लैब तक्निशियन मौजूद था. पूछताछ के बाद आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश देकर बाबू राम एकवाल सिंह चाइल्ड केयर में छापेमारी की गयी. वहां डॉ हर्षवर्धन मौजूद नहीं थे.
कर्मियों से आवश्यक पूछताछ की गयी. सभी प्रमाण पत्रों व निबंधन से संबंधित कागजात अनुमंडल कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया. आखिरी में सीओ गली स्थित डॉ शिव शंकर महतो के रामकली हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में छापेमारी की गयी. वहां डॉ महतो को सभी आवश्यक कागजात 48 घंटे के अंदर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया.
नर्स व कंपाउंडर की डिग्री मैट्रिक व इंटर : खास बात यह कि सभी क्लिनिक में एसडीओ कृष्ण द्वारा नर्स व कंपाउंडर के बारे में जानकारी ली गयी, तो पता चला कि कोई भी कंपाउंडर मैट्रिक या इंटर से अधिक पढ़ा-लिखा नहीं है.
किसी के पास संबंधित काम का कोई डिग्री नहीं था. इन्हें सूई देने व स्लाइन चढ़ाने का काम सिखा कर काम लिया जाता है. एसडीओ ने बताया कि संबंधित चिकित्सकों से 48 घंटे के अंदर वांछित कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. कागजातों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने माना कि आवश्यक सरकारी दिशा निर्देश का पालन नहीं हो रहा है. कागजातों की जांच के बाद नियम का पालन नहीं करने वाले क्लिनिक व नर्सिंग होम को सील किया जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी. क्लिनिक व नर्सिंग होम चलाने के लिए अब हर हाल में निबंधन कराना होगा.

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