आंदोलन धीमा पड़ने से यात्रियों का आर्थिक शोषण फोटो नंबर-3, यात्रियों का इंतजार करते बाइक सवारसुरसंड. भारत-नेपाल सीमा पर संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोरचा द्वारा नेपाल सरकार से मांगों की पूर्ति करने को लेकर नाकेबंदी कर दी गई है. हालांकि मौके पर करीब 15 दिन से एक भी कार्यकर्ता नही पहुंच रहे हैं. अब नाम के लिए नाकेबंदी रह गयी है. वैसे अब भी बसों का परिचालन नहीं हो पा रहा है. बस को छोड़ अन्य गाड़ियों भिठ्ठामोड़ से जनकपुर तक चल रही है. बस के नहीं चलने से यात्रियों का आर्थिक शोषण बढ़ गया है. भिठ्ठा बॉर्डर के उस पार नेपाली क्षेत्र में 15-20 युवक बाइक के साथ खड़े रहते हैं, जो यात्रियों को जगह-जगह पहुंचाने के लिए मनमाना रुपये वसूल करते हैं. एक युवक ने बताया कि यात्री का वेशभूषा देख कर रुपये की मांग की जाती है. जनकपुर के लिए दो से पांच सौ तक एवं वर्दीवास पहुंचाने के लिए एक यात्री से हजार रुपये तक वसूल किया जाता है. इधर सूत्रों ने बताया कि उक्त नेपाली युवकों द्वारा पेट्रोल की भी जम कर तस्करी की जा रही है. नेपाली युवक सुरसंड व नवाही पेट्रोल पंपों से अपनी बाइक की टंकी में पेट्रोल फुल कराते हैं और उसे लेकर सीधे जनकपुर चले जाते हैं. वहां टंकी खाली कर दोबारा यात्री व पेट्रोल लेने के लिए भिठ्ठामोड़ पहुंच जाते हैं. कुछ नेपाली युवकों को भिठ्ठामोड़ चौक पर भी यात्रियों को तरह-तरह का प्रलोभन देते देखा जाता है. यह सब देख कर पुलिस कतिपय कारणों से खामोश रहती है.
आंदोलन धीमा पड़ने से यात्रियों का आर्थिक शोषण
आंदोलन धीमा पड़ने से यात्रियों का आर्थिक शोषण फोटो नंबर-3, यात्रियों का इंतजार करते बाइक सवारसुरसंड. भारत-नेपाल सीमा पर संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोरचा द्वारा नेपाल सरकार से मांगों की पूर्ति करने को लेकर नाकेबंदी कर दी गई है. हालांकि मौके पर करीब 15 दिन से एक भी कार्यकर्ता नही पहुंच रहे हैं. अब नाम के […]
