लखनदेई नदी की उड़ाही के लिए कवायद तेज
एक सप्ताह के भीतर होगा सर्वे
डीएम ने की समीक्षात्मक बैठक
डुमरा : लखनदेई नदी को पुनर्जीवित करने व इसके अस्तित्व को बचाने की कवायद तेज कर दी गयी है. डीएम राजीव रौशन के स्तर से पौराणिक मानी जाने वाली लखनदेई नदी की उड़ाही के लिए विशेष रूप से पहल की जा रही है. डीएम को खबर मिली थी कि नदी के किनारे बड़ी संख्या में महिला व पुरुष छठ पर्व किया करते थे. वहीं, किसानों को सिंचाई सुविधा मिलती थी. सूचनाएं एकत्र करने के बाद डीएम द्वारा नदी की उड़ाही को ले पहल शुरू किया गया.
शनिवार को समाहरणालय में डीएम श्री कुमार की अध्यक्षता में अधिकारी, राजनीति दलों के प्रतिनिधि, मीडिया कर्मी व सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक बैठक हुई. मौके पर लोगों ने प्रस्ताव दिया कि सोनबरसा प्रखंड के कचोर से लखनदेई नदी की नयी धार से पुरानी धार को मिला दिया जाये. सबों की सहमति मिलने के बाद डीएम श्री कुमार ने इस काम के लिए एक सप्ताह में सर्वे का काम करा लेने की बात कही. कहा, सर्वे के बाद कार्य प्रारंभ की तिथि घोषित कर दी जायेगी.
सरकार को जायेगा प्रस्ताव
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विमल शुक्ला ने सोनबरसा के खाप-खोपराहा पंचायत के भासर से दुलारपुर के बीच नदी की नयी व पुरानी धार को मिलाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सबों ने पारित कर दिया. निर्णय हुआ कि उक्त प्रस्ताव को राज्य सरकार को भेजा जायेगा.
मौके पर डीएम ने सबों से इस काम में अपेक्षित सहयोग की अपील की. कहा, जो भी विचार आये हैं, उस पर अमल किया जायेगा और बेहतर परिणाम सामने आयेगा.
कचोर से मेहसौल तक उड़ाही
लखनदेई नदी की उड़ाही का कम सोनबरसा के कचोर से डुमरा प्रखंड के मेहसौल तक कराया जायेगा. यह काम मनरेगा योजना से होगा. सोनबरसा, बथनाहा, रीगा व डुमरा प्रखंड की 18 पंचायतों के क्षेत्र में उड़ाही का काम होगा. इस काम पर प्रत्येक पंचायत चार-पांच लाख रुपये खर्च करेगी. इससे जहां नदी पुनर्जीवित होगी तो दूसरी ओर जल संरक्षण, पौधा संरक्षण के साथ ही मजदूरों को रोजगार मिलेगा.
