प्रखंडों में नहीं लगता बीडीओ का जनता दरबार शासन व प्रशासन पर आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का दायित्व है. जनता को मूलभूत सुविधाएं मिले और उनकी समस्याओं का ससमय समाधान हो, की भी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन पर हीं है. सरकार ने एक बेहतर सोच के तहत प्रखंड से राज्य स्तर तक जनता दरबार शुरू किया. ताकि अधिक से अधिक लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा सके. यह जान कर हैरानी होगी कि प्रखंडों में जनता दरबार एक मजाक बन कर रह गया है. एक तो सभी अधिकारी मौजूद रहते नहीं हैं और जानकारी नहीं होने के चलते बहुत से लोग जनता दरबार में आ भी नहीं पाते हैं. प्रभात खबर ने मंगलवार को जिले के सभी प्रखंडों में बीडीओ के जनता दरबार की पड़ताल की. इसी कारण डीएम के जनता दरबार में उमड़ती है भीड़ इस सच्चाई को डीएम ने भी किया है स्वीकार सीतामढ़ी. हर गुरुवार को समाहरणालय में डीएम का जनता दरबार लगता है. डीएम के नहीं रहने पर एडीएम या डीडीसी द्वारा जनता दरबार में समस्याएं सुनी जाती है, पर ऐसा कभी नहीं हुआ है कि डीएम के नहीं रहने के चलते दूसरे अधिकारी जनता दरबार नहीं किये हों, पर प्रखंडों में अगर बीडीओ नहीं रहते हैं तो कुछ को छोड़ अन्य प्रखंडों में जनता दरबार का आयोजन नहीं होता है. लोगों को प्रखंड कार्यालय से बैरंग लौट जाना पड़ता है. मंगलवार को प्रभात खबर की पड़ताल में यह सच उजागर हुआ. जनता दरबार को हिदायत हाल में डीएम राजीव रौशन ने सभी बीडीओ को पत्र भेज कहा था कि प्रखंडों में जनता दरबार नहीं होने के कारण जिला में होने वाले जनता दरबार में काफी भीड़ हो जाती है, जबकि अधिकांश मामलों का निष्पादन प्रखंड व थाना स्तर से ही होना रहता है. सीएम के जनता दरबार से भी आनेवाले आवेदनों का निष्पादन थाना व प्रखंड स्तर से हीं संभव होता है. सभी बीडीओ को हर मंगलवार को जनता दरबार लगाने की कड़ी हिदायत दी गयी थी. यह कहा गया था कि जनता दरबार में सीओ, थानाध्यक्ष, सीडीपीओ व सभी पर्यवेक्षक पदाधिकारी मौजूद रहेंगे. उपस्थिति पंजी में अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे. कोशिश हो कि तुरंत मामले का निष्पादन कर दिया जाए. ऐसा संभव नहीं होने पर निष्पादन की तिथि तय कर उसकी सूचना आवेदक को भी दे दी जाए. डीएम ने हर जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों व की गयी कार्रवाई से अगले दिन अवगत कराने को कहा था. पत्र की प्रतिलिपि डीडीसी व एडीएम के अलावा सभी नोडल पदाधिकारी व एसडीओ को भी भेजी गयी थी. बता दें कि सभी बीडीओ प्रशिक्षण के लिए पटना गये हुए हैं.
प्रखंडों में नहीं लगता बीडीओ का जनता दरबार
प्रखंडों में नहीं लगता बीडीओ का जनता दरबार शासन व प्रशासन पर आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का दायित्व है. जनता को मूलभूत सुविधाएं मिले और उनकी समस्याओं का ससमय समाधान हो, की भी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन पर हीं है. सरकार ने एक बेहतर सोच के तहत प्रखंड से राज्य स्तर […]
