सीओ पर जमीन खारिज करने का आरोप

सीतामढ़ी : नगर थाना क्षेत्र के मुरलिया चक निवासी मो अयूब अंसारी द्वारा हल्का कर्मचारी जयस राम, डुमरा अंचलाधिकारी व अंचल निरीक्षक के अलावा एक नाजायज कर्मचारी व राजोपट्टी निवासी गौड़ी शंकर सिंह पर अपने खाता से मोटी रकम लेकर चार डिस्मिल जमीन दूसरे के नाम पर खारिज कर देने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी […]

सीतामढ़ी : नगर थाना क्षेत्र के मुरलिया चक निवासी मो अयूब अंसारी द्वारा हल्का कर्मचारी जयस राम, डुमरा अंचलाधिकारी व अंचल निरीक्षक के अलावा एक नाजायज कर्मचारी व राजोपट्टी निवासी गौड़ी शंकर सिंह पर अपने खाता से मोटी रकम लेकर चार डिस्मिल जमीन दूसरे के नाम पर खारिज कर देने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराया गया है.

न्यायालय के आदेश पर दर्ज प्राथमिकी में आवेदक अयूब अंसारी ने बताया है कि उसकी 12 डिस्मिल जमीन का रसीद हमेशा से कटता था. इस वर्ष का रसीद कटाने जब वह मुरलिया चक स्थित हल्का कर्मचारी के कार्यालय रसीद कटाने पहुंचा, तो सिर्फ 8 डिस्मिल का ही रसीद थमा दिया गया. वह भौंचक रह गया. जानकारी लेने पर पता चला कि आरोपितों द्वारा मोटी रकम लेकर सावेरा खातून व उसके पुत्र मो मोजिबुर्रहमान के नाम पर उक्त 4 डिस्मिल जमीन को उसके खाता से खारिज कर दिया गया है.

जबकि उसने कभी भी कोई जमीन बेची ही नहीं. बताया है कि असल विक्रेता बद्री महतो के जमावंदी पर कोई जमीन है ही नहीं, तो उसके खाता से जमीन खारिज कैसे हो गया? मामले को लेकर जब वह मुरलिया चक स्थित हल्का कर्मचारी के कार्यालय जाकर कर्मचारी से सवाल उठाया, तो उसके साथ गाली-गलौज देकर अपमानित कर कार्यालय से धक्का मार कर भगा दिया गया.

साथ ही झूठा मुकदमा कर जेल भिजवा देने की धमकी दी गयी. पुलिस से शिकायत कर प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह करने पर सरकारी कर्मचारी का हवाला देकर पुलिस द्वारा कोर्ट में जाने की सलाह दी गयी. उसके बाद वह न्यायालय के शरण में गया.

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