अपहरण मामले में सत्तार मियां समेत चार गिरफ्तार (पेज तीन का लीड)फोटो-12 पुलिस गिरफ्त में अपराधीएएसपी(अभियान) के नेतृत्व में पुलिस की छापेमारी में खुलासाअपहृत के पिता से फिरौती मांगने में इस्तेमाल मोबाइल बरामदसीतामढ़ी/मेजरगंज. अपर पुलिस अधीक्षक(अभियान) संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित स्पेशल टीम ने मंगलवार को मेजरगंज बाजार के प्रमुख हार्डवेयर व्यवसायी रघुवर प्रसाद के पुत्र ऋतिक कुमार(19 वर्ष) के अपहरण मामले का खुलासा किया है. इस मामले में सत्तार मियां समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. अपराधियों के पास से फिरौती मांगने में प्रयुक्त मोबाइल भी बरामद हुआ है. पूछताछ में सत्तार ने बताया है कि वह अपहरण के बाद व्यवसायी के पुत्र को नेपाल में बबलू सिंह के घर छिपा कर रखा है. मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर की गयी छानबीन में सत्तार के जाली नोट के धंधे में शामिल होने का भी पता चला है. सत्तार के साथ उसके सहयोगी मो असलम, कमरूद्दीन मियां एवं मोती महतो को भी दबोचा गया है. नौ अक्तूबर को हुआ ऋतिक का अपहरणथानाध्यक्ष रामनंदन प्रसाद ने इसकी पुष्टि की है. व्यवसायी श्री प्रसाद के पुत्र का नौ अक्तूबर की शाम फिरौती के लिए अपहरण किया गया है. अपहृत के पिता ने इस संबंध में अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी है. कांड का अनुसंधान कर रहे अवर निरीक्षक कन्हैया प्रसाद ने जांच में यह पाया कि जिस मोबाइल से फिरौती के लिए कॉल किया गया था, वह शिवहर जिले के पिपराही निवासी रंजीत गुप्ता की पत्नी प्रियंका गुप्ता के नाम से रजिस्टर्ड है. प्रियंका ने खोली सत्तार के कारगुजारी का पोलतत्काल पिपराही थाना पुलिस के सहयोग से रंजीत गुप्ता व पत्नी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गयी. प्रियंका ने बताया कि 24 दिन पूर्व उसके पति बगल के गांव दोस्तियां के मुकेश कुमार के बालू-सीमेंट की दुकान पर सीमेंट खरीदने गया था. दुकान के पलदार मतींदर महतो से पति की मुलाकात हुई, जिसमें मतींदर ने रंजीत को बताया कि मेजरगंज में उसके जान पहचान का एक व्यक्ति है, जो एक लाख के नोट देने पर तीन लाख बना देता है. नोट तीन गुणा करने को लिया था 15 हजारमतींदर से प्रभावित होकर रंजीत ने उसे 15 हजार रुपये दे दिये. दो दिन बाद रंजीत व मतींदर सत्तार के घर पहुंचा. सत्तार ने उसे एक का तीन करनेवाला केमिकल दिखाया. जिसके प्रभाव में आकर रंजीत ने सत्तार को 25 हजार रुपये दिया. सत्तार उसे एक सप्ताह के बाद बड़ी रकम के साथ आने को कहा. एक सप्ताह बाद रंजीत अपनी पत्नी प्रियंका गुप्ता के साथ नैनो कार से सत्तार के यहां पहुंचा. सत्तार के साथ उसके सहयोगी मोती महतो, सुभाष महतो, असलम, कमरूद्दीन, कोआरी मदन गांव निवासी कन्हाई सिंह एवं नेपाल का बबलू सिंह भी मौजूद था. छीने थे प्रियंका से मोबाइल व रुपयेसत्तार समेत अन्य अपराधी तीनों को लेकर कोआरी गांव के सुनसान जगह ले गया और 70 हजार रुपये के अलावा प्रियंका का मोबाइल छीन लिया. सत्तार ने अपने अन्य साथियों को पुलिस बता कर तीनों को भागने पर विवश कर दिया. बाद में उसकी मोबाइल का इस्तेमाल वह फिरौती की रकम वसूलने के लिए किया. नेपाली अपहर्ताओं के कब्जे में है ऋतिकगिरफ्तार सत्तार मियां ने अपहरण मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि अपहृत ऋतिक फिलहाल नेपाल में है. उसने अपने अन्य सहयोगियों कोआरी मदन निवासी कन्हाई सिंह, सुनील पटेल, नेपाल के बबलू सिंह एवं संग्रामफंदह(रीगा) निवासी केशव झा के साथ मिल कर फिरौती के लिए अपहरण को अंजाम दिया था. अपहृत व्यवसायी पुत्र की बरामदगी के लिए पुलिस अपराधियों के ठिकाने पर छापेमारी कर रही है.
अपहरण मामले में सत्तार मियां समेत चार गिरफ्तार
अपहरण मामले में सत्तार मियां समेत चार गिरफ्तार (पेज तीन का लीड)फोटो-12 पुलिस गिरफ्त में अपराधीएएसपी(अभियान) के नेतृत्व में पुलिस की छापेमारी में खुलासाअपहृत के पिता से फिरौती मांगने में इस्तेमाल मोबाइल बरामदसीतामढ़ी/मेजरगंज. अपर पुलिस अधीक्षक(अभियान) संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित स्पेशल टीम ने मंगलवार को मेजरगंज बाजार के प्रमुख हार्डवेयर व्यवसायी रघुवर […]
