बैरगनिया : नगर पंचायत व प्रखंड क्षेत्र में कई स्थानों पर प्रतिमा का निर्माण करा मां दुर्गा की पूजा की जाती है. नगर के वार्ड नंबर-10 स्थित राधाकृष्ण शिवालय मंदिर में भी पूजा की जाती है.
खास बात यह कि यहां पर पूजा एक ही परिवार द्वारा किया जाता है. चंदा की वसूली नहीं की जाती है. पूजा समिति के अध्यक्ष हरिप्रसाद रौनियार व सचिव सुरेश कुमार ने बताया कि वर्ष-1967 से ही मां की पूजा होती आ रही है.
शुरू में पांच वर्ष तक बाहर से प्रतिमा खरीद कर लायी जाती थी. वर्ष 72 में मंदिर परिसर मे ही प्रतिमा का निर्माण शुरू कराया गया. तब से अब तक जारी है. बताते है कि इस बार का पूजा का बजट करीब दो लाख का है.
यहां पूजा देखने प्रखंड व नगर के अलावा पड़ोसी देश नेपाल व पूर्वी चंपारण जिला के भी महिला, पुरुष व बच्चे आते है. बताया गया है कि रामविलास प्रसाद पूजा की शुरूआत किये थे. उनके दिवंगत होने के बाद उनके पुत्र वैद्यनाथ प्रसाद ने पूजा की परंपरा को बरकरार रखा. बाद के वर्षों में उनका भी निधन हो गया,
लेकिन प्रतिमा का निर्माण करा पूजा में कोई रूकावट नही आयी. बताया गया है कि मां की पूजा से रामविलास प्रसाद के परिवार का व्यवसाय दिन-ब-दिन बढ़ने लगा. इससे मां के प्रति भी आस्था बढ़ी और पूरे जोर-शोर से पूजा की जाने लगी. पंडाल व डेकोरेशन का काम स्थानीय सैयद अली अब्बास देखते है.
वे पिछले 45 वर्षों से लगातार पूजा स्थल पर अपनी सेवा देते आ रहे है. खास बात यह कि सैयद अली मंदिर में पूरे दिल से भगवान शंकर की पूजा भी करते है, जो हिंदु-मुसलिम की एकता का एक मिसाल कायम करते है. मूर्तिकार के रूप में रामनाथ पंडित प्रतिमा को अंतिम रूप देने में लगे हुए है.
वे भी पिछले 45 वर्षों से कोलकाता से आकर यहां प्रतिमा बनाते है. पूजा में सहयोग करने वालों में जगरनाथ प्रसाद, सत्यनारायण प्रसाद, शंभु प्रसाद, रामनाथ प्रसाद, राजेश कुमार गुप्ता, श्यामनंदन सिंह, राजा प्रसाद गुप्ता, सोनु गुप्ता व उमेश गुप्ता आदि शामिल है.
