नौ विषय के शक्षिक नहीं, पढ़ाई होगी खाक

नौ विषय के शिक्षक नहीं, पढ़ाई होगी खाकफोटो नंबर- 3 मवि बनौल, 4 बरामदे के फर्श पर बैठे छात्र-छात्रा — सिर्फ करने के लिए है उत्क्रमित हाई स्कूल, बनौल — नामांकित 423, आते हैं 250 और शिक्षक मात्र एक बोखड़ा : प्रखंड के मध्य विद्यालय, बनौल को वर्ष 2014 में हाई स्कूल में उत्क्रमित किया […]

नौ विषय के शिक्षक नहीं, पढ़ाई होगी खाकफोटो नंबर- 3 मवि बनौल, 4 बरामदे के फर्श पर बैठे छात्र-छात्रा — सिर्फ करने के लिए है उत्क्रमित हाई स्कूल, बनौल — नामांकित 423, आते हैं 250 और शिक्षक मात्र एक बोखड़ा : प्रखंड के मध्य विद्यालय, बनौल को वर्ष 2014 में हाई स्कूल में उत्क्रमित किया गया. संसाधन व शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति किये बिना शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने नामांकन करने का आदेश दे दिया. विभाग के झांसे में आ कर बच्चे नामांकन करा कर अब पछता रहे हैं. सरकार व विभाग ने किस तरह से शिक्षा व्यवस्था को मजाक बना रखा है, इसका यह हाई स्कूल एक बेहतर नमूना है. — पढ़ाई की होती है खानापूर्ति मध्य विद्यालय में 1300 बच्चे नामांकित हैं. प्रतिदिन करीब 800 बच्चे आते हैं. हाई स्कूल में 423 में करीब 250 बच्चे नियमित आते हैं. हाई स्कूल के बच्चों की पढ़ाई की खानापूर्ति होती है. इस सच्चाई को गणित विषय के शिक्षक अजय कुमार ने बेहिचक स्वीकार किया. कहा, तीन कमरों में बच्चों को बैठाया जाता है. सुबह 10:30 से तीन बजे तक उन्हें एक पैर पर खड़ा रहना पड़ता है. कारण कि उनके सिवा कोई दूसरा शिक्षक नहीं है. वे कहते हैं कि हाई स्कूल में 10 विषय की पढ़ाई होती है. नौ विषय के शिक्षक हीं नहीं है. — उर्दू विषय के शिक्षक नहीं उर्दू विषय पढ़ने वाले 125 छात्र-छात्रा है. इन बच्चों को यह विषय पढ़ाने के लिए शिक्षक हीं नहीं है. कभी-कभी मध्य विद्यालय के प्रधान शिक्षक साबिर निजामुद्दीन उर्दू विषय पढ़ाते हैं. मध्य विद्यालय के शिक्षक का सहयोग लेते, पर वहां भी शिक्षक की कमी है. हाई स्कूल का दर्जा मिला लेकिन, न तो भवन बना और न हीं अन्य संसाधन मिले. — खाता खुला, पर बैलेंस जीरो प्रधान शिक्षक साबिर निजामुद्दीन कहते हैं कि वर्ष 2014 में हाई स्कूल का बैंक खाता खुला, लेकिन अब तक किसी भी मद में एक रुपया का भी आवंटन नहीं मिला है. ब्लैक बोर्ड व अन्य मद में वे जेब से हीं खर्च करते हैं.

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