बैरगनिया/सोनबरसा : सीमावर्ती नेपाल में मधेश आंदोलन मंगलवार को 53 वें दिन भी जारी रहा. जिले से सटे रौतहट, सर्लाही, जनकपुर एवं जलेश्वर में मधेशी मोरचा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नो-मेंस लैंड पर धरना देकर नाकेबंदी की.
रौतहट जिले के मुख्यालय गौर में मोरचा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने आंदोलन के दौरान शहीद हुए राजकिशोर ठाकुर की याद में कैंडल मार्च निकाला. वहीं जगह जगह थाली पीट कर भी विरोध प्रदर्शन किया गया.
औरईया गाविस के मनमोहन द्वार पर पिछले 10 दिनों से अनशन पर बैठे नेताओं की स्थिति बिगड़ रही है. पीपरा बाजार पर नेपाल सदभावना पार्टी के केंद्रीय सदस्य नारायण मिश्र, शंकर यादव, शंभु गिरी, मनोज गिरी आदि ने काली पट्टी बांध कर विरोध जुलूस निकाला.
आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनके जायज मांगों को संविधान में शामिल नहीं किया जायेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. गौर के नो-मेंस लैंड के पास मोरचा कार्यकर्ताओं ने नेपाल के एक व्यापारी से खाद्य पदार्थ व डीजल छीन लिया. उक्त व्यापारी बैरगनिया बाजार से टेंपो से जा रहा था.
मोरचा नेताओं ने किया विरोध सभा
सद्भावना पार्टी के जिलाध्यक्ष शेख जमशैद, तमलोपा के जिलाध्यक्ष बाबूलाल साह, संघीय समाजवादी फोरम के जिलाध्यक्ष राम निवास यादव एवं सद्भावना पार्टी के युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंभु सुप्रीम के नेतृत्व में जिले के प्रतापपुर पलटुआ गाविस में विरोध सभा किया गया.
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रमुख तीन दलों के नेता साजिश के तहत आंदोलन को दबाने एवं मधेश के मुद्दे को संविधान में शामिल नहीं करना चाह रहे हैं.
मलंगवा में 12वें दिन भी नाकेबंदी
उधर सर्लाही जिले के मलंगवा जानेवाली पथ में हनुमान चौक के समीप मधेश आंदोलन के समर्थन में 12 वें दिन भी नाकेबंदी की. मोरचा कार्यकर्ताओं ने धरना दिया जिसकी अध्यक्षता संघीय समाजवादी फोरम के केंद्रीय सदस्य कृष्णदेव यादव ने किया.
उन्होंने कहा कि 24 घंटा नाकाबंदी कर सोने व खाने पीने की व्यवस्था की गयी है. जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जायेगी, हम यहां डटे रहेंगे. धरना कार्यक्रम में सद्भावना पार्टी के नागेश्वर राय, राम सिंहासन पटेल, संजय यादव, राम विनोद राय, संजय गुप्ता, संजय झा, सोहन कुमार झा, शमशाद मिसरानी, रामचंद्र चौधरी, तपेश्वर महतो शामिल थे.
