विवाद में फंसी गोशाला निर्वाचन प्रक्रिया

सीतामढ़ी. करीब सवा सौ साल पुरानी सीतामढ़ी गोशाला के इतिहास में पहली बार गोशाला कार्यसमिति की निर्वाचन प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गयी है. गौरतलब है कि सूबे के गोशाला विकास पदाधिकारी के निर्देश पर गोशाला के पदेन अध्यक्ष सदर एसडीओ ने गोशाला के 176 सदस्यों की सूची का प्रकाशन कर आपत्ति मांगी थी. […]

सीतामढ़ी. करीब सवा सौ साल पुरानी सीतामढ़ी गोशाला के इतिहास में पहली बार गोशाला कार्यसमिति की निर्वाचन प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गयी है. गौरतलब है कि सूबे के गोशाला विकास पदाधिकारी के निर्देश पर गोशाला के पदेन अध्यक्ष सदर एसडीओ ने गोशाला के 176 सदस्यों की सूची का प्रकाशन कर आपत्ति मांगी थी. सूची पर आपत्ति नहीं मिलने पर पदेन अध्यक्ष ने अनुमोदन के लिए सूची को गोशाला विकास पदाधिकारी को अग्रसारित कर दिया.

गोशाला विकास पदाधिकारी ने 27 जुलाई को सूची अनुमोदित कर पदेन अध्यक्ष को भेज दी. इसके बाद अगस्त के प्रथम सप्ताह में नौ सदस्यों के निर्वाचन की प्रक्रिया पदेन अध्यक्ष के मार्गदर्शन में शुरु हुई. निर्वाचन प्रक्रिया को एक व्यक्ति ने अपने निहित स्वार्थ के कारण नौ व्यक्तियों के बीच हीं समेट दिया. कथित निर्वाचन प्रक्रिया में नौ व्यक्ति हीं एक दूसरे के प्रस्तावक तथा समर्थक हो गये. बंद कमरे में हुई इस कथित निर्वाचन की खबर जब मीडिया के माध्यम से अन्य सदस्यों को हुई तो सभी आश्चर्यचकित हो गये.
इधर 11 अगस्त मंगलवार को गोशाला के आधा दर्जन से अधिक सदस्यों ने सदर एसडीओ सह गोशाला के पदेन अध्यक्ष को आवेदन दे कथित निर्वाचन को रद्द कर पारदर्शी तरीके से गोशाला के व्यापक हित में पुन: कार्यसमिति का चुनाव कराने की मांग की है. आवेदन पर अजय विद्रोही, जनार्दन भरतीया, राजेश कुमार सुंदरका, नीरज गोयनका, पंकज कुमार गोयनका, प्रकाश हिसारिया, गिरिधारी लाल सुंदरका के हस्ताक्षर हैं.

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