बिना छुट्टी लिये कई शिक्षक कर गये स्नातक विभागीय अधिकारी की मिलीभगत से चलता है ऐसा खेल प्रतिनिधि, सीतामढ़ीनियोजित शिक्षकों के मामले में हर दिन तरह-तरह के मामले उजागर हो रहे हैं. जो ताजा मामला सामने आया है, वह कम चौंकाने वाला नहीं है. सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2003 में मैट्रिक पास व वर्ष 2005 से इंटर पास अभ्यर्थियों की शिक्षक के रूप में नियुक्ति की जा रही है. स्कूल से नदारद रह कर बहुत से नियोजित शिक्षक स्नातक की डिग्री हासिल कर लिये. स्कूल से छुट्टी भी नहीं लिया और उधर, डिग्री भी हासिल कर लिया. हद तो यह कि उस अवधि का मानदेय भी हासिल कर लिया. सूत्रों ने बताया कि नियमत: स्कूल से छुट्टी लेकर हीं कोई शिक्षक स्नातक कर सकता है, मगर बहुत से शिक्षकों ने स्कूल से नदारद रह कर डिग्री हासिल कर लिया. बताया गया है कि विभागीय अधिकारी व कर्मियों की मिलीभगत से यह सब संभव होता है. बिना डिग्री के ही उर्दू शिक्षक इधर, चर्चा है कि मैट्रिक व इंटर की डिग्री हासिल किये बगैर बहुत से अभ्यर्थी उर्दू शिक्षक बन गये हैं. हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पायी है. नाम न छापने के शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें भी इस तरह की शिकायत मिली है. निकट भविष्य में इसकी जांच कर ऐसे शिक्षकों को बेनकाब करने के साथ हीं उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
स्कूल अवधि में हासिल की बीए की डिग्री
बिना छुट्टी लिये कई शिक्षक कर गये स्नातक विभागीय अधिकारी की मिलीभगत से चलता है ऐसा खेल प्रतिनिधि, सीतामढ़ीनियोजित शिक्षकों के मामले में हर दिन तरह-तरह के मामले उजागर हो रहे हैं. जो ताजा मामला सामने आया है, वह कम चौंकाने वाला नहीं है. सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2003 में मैट्रिक पास व वर्ष […]
