फोटो नंबर-14, हाफिज मो सफीउल्लाह रजानुरीपरिहार : हाफिज मो सफीउल्लाह रजानुरी ने कहा कि रमजानुल मुबारक का महीना शुरू होते ही हर मुसलमान का दिल खुद ब खुद नेकी तरफ खिंचा चला जाता है. उसे बुराई से खुद उक्ताहट महसूस होने लगती है. इस माह में ज्यादा से ज्यादा नेकियों का खजाना जमा करना चाहिए. इस माह में फरिश्ते की पुकार होती है. शायद यह बंदे का आखिरी रमजान हो. — सवाब बढ़ जाता है सात सौ गुणा अधिकरसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया है कि आदमी के हर अच्छे अमल का सवाब दस गुणा से सात सौ गुणा तक बढ़ा दिया जाता है. अल्लाह फरमाता है कि मेरा बंदा मेरी रजामंदी के लिए अपने नफ्स की ख्वाहिश और खाने-पीने को छोड़ देता है. रोजादार के लिए दो खुशियां है, एक रोजाना इफ्तार के वक्त, दूसरी अपनी रब से मुलाकात के वक्त कयामत का दिन.– फालतू बात न करें रोजेदारहाफिज ने कहा कि अल्लाह के नजदीक रोजेदार के मुंह की बू मुश्क की खुशबू से भी बेहतर है और शैतान के हमलों से बचाने के लिए ढाल है. रोजा रखने वालों को फालतू बात और शोर-शराबा नहीं करना चाहिए. नबी एक करीम सल्लेल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि जन्नत में एक खास दरवाजा है, जिसे बाबुर्रय्यान कहा जाता है. कयामत के दिन उसमें सिर्फ रोजेदार ही दाखिल होंगे. उसके सिवा उस दरवाजे से कोई और दाखिल नहीं होगा.
रमजान में जमा करें नेकियों का खजाना : हाफिज
फोटो नंबर-14, हाफिज मो सफीउल्लाह रजानुरीपरिहार : हाफिज मो सफीउल्लाह रजानुरी ने कहा कि रमजानुल मुबारक का महीना शुरू होते ही हर मुसलमान का दिल खुद ब खुद नेकी तरफ खिंचा चला जाता है. उसे बुराई से खुद उक्ताहट महसूस होने लगती है. इस माह में ज्यादा से ज्यादा नेकियों का खजाना जमा करना चाहिए. […]
