तीन और बच्चों में मिला लक्षण

10 दिनों में 16 बच्चों में मिले बीमारी का लक्षण आठ बच्चों को अस्पताल से उपचार के बाद दी गयी छुट्टी सीतामढ़ी : उत्तर बिहार में बच्चों के बीच जानलेवा बना चमकी बुखार(एइएस) अब जिले में भी अपना प्रभाव दिखा रहा है. बुधवार को तीन बच्चों में चमकी बुखार का लक्षण पाया गया, जिसका उपचार […]

10 दिनों में 16 बच्चों में मिले बीमारी का लक्षण

आठ बच्चों को अस्पताल से उपचार के बाद दी गयी छुट्टी
सीतामढ़ी : उत्तर बिहार में बच्चों के बीच जानलेवा बना चमकी बुखार(एइएस) अब जिले में भी अपना प्रभाव दिखा रहा है. बुधवार को तीन बच्चों में चमकी बुखार का लक्षण पाया गया, जिसका उपचार सदर अस्पताल के एइएस वार्ड में चल रहा है.
चमकी बुखार से ग्रसित बच्चों में सुरसंड प्रखंड के शंकरपुर गांव निवासी इजहारूल हक का 11 वर्षीय पुत्र गौहर अली, परसौनी प्रखंड के धोधनी विशनपुर निवासी इंदल साह के 15 वर्षीय पुत्र गोलू कुमार एवं सोनबरसा प्रखंड के भुतही गांव निवासी मो इमामुद्दीन के डेढ़ वर्ष के पुत्र अयान शामिल है. अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी सह शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अब्दुल बासित एवं डॉ हिमांशु शेखर की निगरानी में इन बच्चों का इलाज किया जा रहा है.
उधर सिविल सर्जन डॉ रवींद्र कुमार, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ शकील अंजुम, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ रवींद्र कुमार यादव ने चिकित्सकों के साथ एइएस वार्ड पहुंचकर जायजा लिया. परिजन से जानकारी ली. मालूम हो कि पिछले 10 दिनों के भीतर जिले में चमकी बुखार से ग्रसित 16 बच्चों को सदर अस्पताल में इलाज किया गया.
इसमें फरहान नामक बालक को एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर रेफर किया. अब तक उक्त बीमारी से ग्रसित आठ बच्चों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी. अस्पताल उपाधीक्षक ने बताया कि तीनों भर्ती बच्चों का प्रोटोकॉल के तहत इलाज किया जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >