दो सितंबर 14 को शराब में जहर मिला कर की थी रणधीर की हत्या
दुर्गंध आने पर चौकीदार की सूचना पर पहुंची थी नगर थाना पुलिस
डुमरा कोर्ट : उच्च न्यायालय, पटना के अधिवक्ता रणधीर हत्याकांड में एडीजे 2 शिव कुमार शुक्ला ने सोमवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपित तांत्रिक लक्ष्मण चौबे समेत कृष्ण कुमार उर्फ सोनू, मिथलेश तिवारी, अनिल ठाकुर व मुन्ना कुमार को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया है.
मामले में सरकार पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक आरबी ठाकुर व बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शिवेंद्र कुमार ने पक्ष रखा.
बिछावन पर पड़ी थी अधिवक्ता की लाश
बताया जाता है कि दो सितंबर 2014 को नगर थाना क्षेत्र के चौकीदार सह भासर मछहा गांव निवासी नथुनी साफी कुछ आवश्यक काम से गुदरी रोड रिंग टावर गये थे. जहां स्थित एक मकान से काफी दुर्गंध आ रही थी. चौकीदार की सूचना पर नगर थाना पुलिस ने स्थल पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के सहयोग से उक्त कमरे को खोल कर अंदर देखा तो एक व्यक्ति का शव बिछावन पर पड़ी थी. वहां पर कुछ शराब की बोतल भी खाली पड़ी थी.
मृतक की पहचान रून्नीसैदपुर थाना अंतर्गत बैना गांव निवासी महेश सिंह के अधिवक्ता पुत्र रणधीर सिंह के रूप में स्थानीय लोगो द्वारा किया गया. जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने बताया था कि ऐसा लगता है कि शराब में जहर पिला कर हत्या कर दी गयी है. शव के स्थिति को देखकर बताया गया था कि हत्या दो-तीन दिन पहले की गयी है.
