सीतामढ़ी/रीगा : रीगा चीनी मिल विगत कुछ महीनों से विवादित हो गया है. गन्ना मूल्य के भुगतान को ले तो मिल हमेशा से सुर्खियों में रहा है, पर इन दिनों विभिन्न कारणों से चीनी मिल का मामला हर जुबान पर है. फिलवक्त मिल का जो हाल है, ऐसा कभी नहीं हुआ था. हाल यह है कि मिल के काफी हद तक विवादित होने के चलते ऊब कर प्रबंधक सुखवीर सिंह नौकरी छोड़ कर चले गये है. वे पद से इस्तीफा दे दिये है.
गिरफ्तारी के डर से रह रहे बाहर: मिल कर्मी संघ के अध्यक्ष रहे ओमप्रकाश पटेल की हत्या के मामले में मिल मालिक ओम प्रकाश धानुका व वरीय प्रबंधक नरेंद्र कुमार सिंह भी आरोपित है. वे दोनों भूमिगत है. माना जा रहा है कि अधिकारी द्वय गिरफ्तारी का आदेश कभी भी निकल सकता है. इसी डर से दोनों हत्या की घटना के बाद से ही नदारद चल रहे है. हालांकि वरीय पुलिस अधिकारी के स्तर से अभी गिरफ्तारी का आदेश नहीं दिया जा सका है.
अधिकारी की जगह लिपिक नामित: जप्त चीनी की बिक्री कर राशि को प्रशासनिक अधिकारी व मिल के दो अधिकारी के संयुक्त खाते में डाला जाना जा रहा था. इस बीच, मिल के उक्त अधिकारियों के यहां से नदारद रहने के कारण फिलहाल मिल अधिकारी विहीन हो गया है. संभवतः इसी कारण अब बैंक में उक्त दो अधिकारियों की जगह लॉ क्लर्क कृष्णनंदन सिंह का नाम भेजा गया है.
नीलाम वाद में भी वारंट निर्गत
इधर, गन्ना मूल्य के भुगतान में काफी विलंब को लेकर दायर नीलाम वाद में नीलाम पदाधिकारी द्वारा मिल के मालिक द्वय ओम प्रकाश धानुका व सुशील कुमार गोयनका के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. हालांकि मिल के जन संपर्क अधिकारी विनय कुमार झा ने बताया कि जिस बकाये को लेकर वाद दायर है, उसका भुगतान कर दिया गया है. अब लंबित नहीं है. इस लिहाज से गिरफ्तारी स्वतः टल गयी. इसकी पुष्टि रीगा थानाध्यक्ष ललन कुमार ने भी की है.
