2010 में डबल मर्डर कांड को लेकर सुर्खियों में रहा है शातिर अपराधी राजेश
भू-माफियाओं के चंगुल से बचने के लिए राजेश
से रिश्ता जोड़ा
सीतामढ़ी : शहर के अस्पताल रोड स्थित लीची बगान निवासी दंपती हत्याकांड में शातिर अपराधी राजेश पासवान व कन्हैया ठाकुर का नाम सामने आया है.
हत्या के बाद शक के आधार पर पुलिस के हत्थे चढ़े निजी अंगरक्षक मुकेश ने पुलिस के सामने कई सनसनी खुलासे किये है. पुलिस सूत्रों पर भरोसा करें तो हत्याकांड को अंजाम देने वाले दोनों अपराधियों ने जिले के एक भू-माफिया से मिल कर दंपती हत्याकांड को अंजाम दिया. मुकेश के स्वीकरोक्ति बयान के बाद पुलिस उस सफेदपोश भू-माफिया पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है. मुकेश ने पुलिस को बताया है कि राजेश पासवान से मृतक भरत प्रसाद का संपर्क जेल में हुआ था.
हत्या के कई संगीन मामलों में राजेश वर्षों से जेल में बंद था.
इस दौरान वर्ष 2016 में आर्म्स एक्ट के मामले में भरत प्रसाद जेल गये. भरत प्रसाद को पता था कि जिले के कुछ भू-माफियाओं की नजर उनके बेशकीमती जमीन पर है. तब उन्होंने राजेश से अपनी सुरक्षा के बदले दो एकड़ जमीन लीज पर देने की बात स्वीकारी. भरत प्रसाद को राजेश का संरक्षण मिलने लगा.
जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद भरत प्रसाद का इरादा बदल गया. भरत के बाद राजेश को भी जमानत मिल गयी. जमानत पर बाहर आने के बाद भरत के इरादा को बदलते देख राजेश को काफी नागवार गुजरा. यह भनक लगने के बाद जिले के एक भू-माफिया ने राजेश व कन्हैया से मिल कर भरत व उनकी पत्नी की हत्या की साजिश रची.
यह भनक मिलने के बाद पुलिस दोनों शातिर अपराधी के अलावा दंपती के निजी चौकीदारी देवेंद्र कुमार उर्फ सिपाही व रसोईया चंदन कुमार की गिरफ्तार के लिए शिवहर जिले के तरियानी व बथनाहा थाना क्षेत्र के अलावा विभिन्न संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही है. गौरतलब हो कि रविवार की देर शाम अपराधियों ने भरत प्रसाद व उसकी पत्नी मांडवी की हत्या गला दबा कर दी थी. जिसमें दंपती के निजी अंगरक्षक, रसोइया, चालक व चौकीदार की संलिप्तता उजागर होने के बाद पुलिस ने दो को हिरासत में ले लिया था. पुलिस के कड़ी पूछताछ में मुकेश द्वारा उक्त सनसनीखेज खुलासा किये जाने की बात सामने आ रही है. राजेश और कन्हैया का घर नगर थाना अंतर्गत गिरमिसानी गांव में है.
2010 में डबल मर्डर िकया था राजेश ने
वर्ष 2010 में डबल मर्डरकांड को लेकर शातिर अपराधी राजेश पासवान हमेशा सुर्खियों में रहा. राजेश का आपराधिक इतिहास बताता है कि उसने हमेशा एक बार में दो मर्डर कांड को अंजाम दिया. लंबे समय तक हर डबल मर्डर कांड में राजेश पासवान का नाम सामने आता रहा. उदाहरण के तौर पर 27 फरवरी 2010 को राजेश ने रीगा थाना अंतर्गत चैनपुरा गांव के समीप रंजीतपुर पश्चिमी गांव निवासी सह राजस्व कर्मचारी शिवनारायण पासवान व उसके निजी अंगरक्षक को गोलियों से छलनी करते हुए हत्या कर दी थी. इस घटना से पूर्व राजेश ने हलेश्वर स्थान मंदिर के परिसर में सोये सत्यनारायण राय व उनके पुत्र की हत्या गोली मार कर दी थी. इसी तरह उसने शहर के पीलीकुटी के समीप छात्र नेता विजय पासवान व ओमप्रकाश की हत्या गोली मार कर दी थी.
