सीतामढ़ी : चीनी मिल वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष ओमप्रकाश राय पटेल की हत्या की गुत्थी पुलिस के सामने उलझती जा रही है. अध्यक्ष की हत्या के बाद भाई के बयान पर मिल के सीएमडी व वरीय महाप्रबंधक समेत दो अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
इधर, दिनदहाड़े हत्या की घटना को गंभीरता से लेने के बाद ओमप्रकाश की हत्या से जुड़े कई तथ्य पुलिस के सामने आये हैं. उसे सुलझाने का प्रयास कर रही है. एक-दो दिन में पुलिस के सामने वह साक्ष्य भी उपलब्ध होने की संभावना व्यक्त की जा रही है, जो हत्या की गुत्थी को सुलझा कर कातिल को बेनकाब कर देगी.
मुकेश गिरोह पर भी पुलिस को शक:अंडरवर्ल्ड से ओमप्रकाश के जुड़े रहने का प्रमाण सामने आने के बाद आरोपित मिल के सीएमडी व वरीय महाप्रबंधक के अलावा पुलिस को शातिर मुकेश पाठक गिरोह पर भी शक है. पुलिसिया जांच में यह सामने आ चुका है कि रंगदारी की राशि में बंटवारे को लेकर दरभंगा इंजीनियर हत्याकांड के बाद मुकेश व संतोष के बीच दुश्मनी की लकीर खींच चुकी है. मुकेश को कभी संतोष के राइट हैंड रहे चिरंजीवी सागर के अलावा कई गिरोह का सहयोग भी प्राप्त है.
ताकि संतोष के नेटवर्क को खत्म कर अंडरवर्ल्ड में एकक्षत्र राज्य स्थापित किया जा सके. ऐसे में पुलिस यह भी मान कर जांच कर रही है कि संतोष के करीबी रहने के कारण ओमप्रकाश की हत्या मुकेश के इशारे पर की जा सकती है.
ओमप्रकाश की हत्या से गैंगवार की आशंका
दरभंगा जेल में संतोष झा से मिलने जाता
था ओमप्रकाश
शातिर अपराधी मुकेश पाठक गिरोह पर हत्या का संदेह
भाईजी के साथ संबंध का हो चुका है खुलासा
बोले अधिकारी
मुख्य रूप से मिल के सीएमडी व वरीय महाप्रबंधक पर लगे आरोप की जांच की जा रही है. रंगदारी मामले में जेल जाने के कारण ओमप्रकाश के आपराधिक कनेक्शन की जांच-पड़ताल भी की जा रही है. कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आये हैं. पूरे मामले का खुलासा जल्द से जल्द कर लिया जायेगा.
