सीतामढ़ी : पिछले एक-डेढ़ माह में दुर्गा पूजा, मोहर्रम, धनतेरस, दिवाली, भैया दूज, गोबर्धन पूजा, छठ व गोपाष्टमी समेत कई पर्व-त्योहार गुजर चुके हैं.
इस दौरान नगर परिषद द्वारा शहर समेत विसर्जन एवं छठ घाटों की सफाई के लिए विशेष तैयारियां किये जाने का दावा किया गया. छठ पूजा के दौरान पूरे शहर में ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से नगर परिषद द्वारा आम लोगों से शहर को साफ रखने की अपील भी की गयी, लेकिन सच यह है कि पूरा शहर गंदगी के आगोश में है. हाल यह है कि जिले के सबसे बड़े धार्मिक महत्व रखनेवाले जानकी मंदिर परिसर भी गंदगी के आगोश में है.
यहां तक कि नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार के इर्द-गिर्द ही हमेशा कचरे का ढ़ेर देखने को मिलता है. वहां से गुजरने वाले लोगों को नाक व मुंह बंद कर गुजरना पड़ता है. इससे भी बड़ी बात यह कि जिले की हजारों आबादी को चिकित्सा सुविधा मुहैया करानेवाले सदर अस्पताल भी गंदगी से मुक्त नहीं है. सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही सड़क के दोनों किनारे हमेशा कचड़े का ढ़ेर लगा रहता है, जिससे जिले के विभिन्न क्षेत्रों से इलाज को आनेवाले मरीजों व आवागमन करनेवाले आम लोगों को भी असहनीय बदबूओं का सामना करना पड़ता है.
रेलवे स्टेशन परिसर हो या सरकारी बस पड़ाव, सिनेमा हॉल हो या गुदरी बाजार, अस्पताल रोड हो या चक महिला बस पड़ाव, गौशाला रोड हो या भवदेवपुर रोड, सिनेमा रोड हो या पासवान चौक, पीली कुटी रोड हो या दीपक स्टोर गली हर तरफ सड़कों के किनारे कचरे का ढ़ेर व गंदगी फैली हुई है. प्रमुख त्योहारों की समाप्ति के बाद सोमवार को प्रभात खबर की टीम ने शहर में स्वच्छता का जायजा लिया तो चारों ओर गंदगी व कचरे का ढ़ेर देखने को मिला.
दीपावली व छठ महापर्व के बाद नहीं हो रही सफाई
लोग मानसिकता बदलें
इस संबंध में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी तारकेश्वर प्रसाद साह ने बताया कि शहर में नियमित रूप से सड़कों व गलियों की सफाई व कचरा उठाव का काम किया जाता है. त्योहारों के दौरान शहर को पूरी तरह साफ रखा गया था. लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी. कचरे को यत्र-तत्र फेंकने के बजाय उचित स्थानों पर जमा कर नगर परिषद को सहयोग करना होगा, ताकि शहर भी साफ-सुथरा रह सके और नगर परिषद के सफाई कर्मियों को भी कचरा उठाव करने में परेशानी न हो.
तारकेश्वर प्रसाद, नप कार्यपालक पदािधकारी
