Sitamarhi: बिहार के सीतामढ़ी में बुधवार को शराब तस्करों ने एक दारोगा (Sitamarhi Daroga) और चौकीदार को गोली मार दी, जो शराब बिक्री की सूचना मिलने पर टीम के साथ छापेमारी करने गए थे. इस घटना के बाद से नीतीश सरकार (Nitish kumar govt) पर एक बार फिर से बिहार की कानून व्यवस्था (Bihar Law and order) को लेकर सवाल उठने लगे हैं. जाप प्रमुख पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने तो यहां तक कह डाला कि यह असल में सुशासन का एनकाउंटर (Sitamarhi Encounter) है.
वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने मुख्यमंत्री पर ही सवाल उठाया. उ्होंने पूछा कि शराब माफिया में इतना दुःसाहस कहां से आया कि वो अब पुलिस का ही एनकाउंटर कर रहे हैं? वहीं सीतामढ़ी कांड पर बिहार के उत्पाद एवं मद्य निधेष मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि शराबबंदी कानून को सफल बनाने के लिए उत्पाद विभाग और पुलिस विभाग कड़ी कार्रवाई कर रही है, जिससे अपराधी फ्रस्टेशन में हैंऔर पुलिस की कार्रवाई से हताश होकर ही उन्होंने इस बड़ी घटना को अंजाम दिया है.
जाप प्रमुख पप्पू यादव ने ट्वीट कर कहा- सीतामढ़ी में शराब माफिया ने दरोगा का किया एनकाउंटर! यह असल में सुशासन का एनकाउंटर है. यहां बस शराब माफिया का ही राज है.
तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया- सीतामढ़ी में शराब तस्करों ने सब इंस्पेक्टर दिनेश राम की गोली मारकर हत्या कर दी है और एक अन्य को गम्भीर रूप से घायल कर दिया है! माननीय मुख्यमंत्री जी, आपके घर में सीधी पंहुच रखने वाले शराब माफिया में इतना दुःसाहस कहां से आया कि वो अब पुलिस का ही एनकाउंटर कर रहे हैं?
RJD ने ट्वीट किया- सीतामढ़ी में शराब तस्करों ने मुठभेड़ में सब इंस्पेक्टर दिनेश राम की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी और चौकीदार को घायल कर दिया! एक तरफ पुलिस का इकबाल खत्म है तो दूसरी ओर शराब माफिया व तस्करों का दुःसाहस आसमान छू रहा है! अत्याधुनिक आग्नेयास्त्र से लैस ये पुलिस पर ही भारी पड़ते हैं!
Sitamarhi encounter: क्या है पूरा मामला
बता दें कि सीतामढ़ी जिले के सीमावर्ती मेजरगंज थाना क्षेत्र के कोआड़ी मदन गांव में बुधवार की सुबह शराब तस्करी व रंगदारी मामले में वांछित रंजन सिंह, मुकुल सिंह समेत अन्य को गिरफ्तार करने गयी पुलिस टीम पर अपराधियों ने हमला बोल दिया. फायरिंग में मेजरगंज थाना के सब-इंस्पेक्टर(दारोगा) दिनेश राम(38) व ग्रामीण चौकीदार लालबाबू पासवान(34) को गोली लगी. गंभीर रुप से जख्मी दारोगा व चौकीदार को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दारोगा को मृत घोषित कर दिया.
फायरिंग के बाद शातिर तस्कर कुछ अपराधियों के साथ नेपाल सीमा की तरफ भाग निकले. कुछ देर बाद ही घटनास्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर माधोपुर गांव स्थित शंभू सिंह के बागवानी से शातिर तस्कर रंजन सिंह(30) का शव बरामद किया गया. बताया जा रहा है कि उसके ही सहयोगी मुकुल सिंह द्वारा पिस्टल से की गयी अंधाधुंध फायरिंग में रंजन की मौत हुई है. एसपी ने बताया कि रंगदारी मामले में वांछित अपराधी को पकड़ने गयी पुलिस टीम पर अपराधियों द्वारा फायरिंग की गयी, जिसमें सब-इंस्पेक्टर की मौत हो गयी. चौकीदार का इलाज चल रहा है. अपराधियों की फायरिंग में रंजन सिंह की मौत हुई है.
Sitamarhi encounter: कैसे क्या हुआ
चौकीदार को गोली मारने की घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की तथा आगजनी कर दो घंटे तक कोआड़ी चौक जाम कर प्रदर्शन किया. पुलिस के मुताबिक, शराब तस्करी व रंगदारी मामले में संलिप्त रंजन सिंह, मुकुल सिंह समेत अन्य अपराधियों व तस्करों की गिरफ्तारी को लेकर दारोगा समेत अन्य पुलिसकर्मी कोआड़ी पहुंचे थे.
सूचना मिली कि उक्त दोनों तस्कर के अलावा अन्य बदमाश सुधा सिंह नामक महिला के घर में छिपकर बैठे हैं. दारोगा दिनेश राम के नेतृत्व में पुलिस टीम घर में दाखिल ही हुई थी कि अपराधियों व तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी. फायरिंग में दारोगा को दो गोली लगी तथा वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े. बाहर खड़े चौकीदार लालबाबू पासवान को गोली मारने के बाद सभी बदमाश घर से निकलकर भागने लगे.
अपराधियों व शराब तस्करों को भागते देख ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दी. इस बीच भाग रहे मुकुल सिंह अंधाधुंध गोलियां चलाने लगा, जिसमें रंजन सिंह को चार गोली लगी और वह ढेर हो गया. एसपी घटनास्थल पर ही कैंप कर रहे हैं. शराब तस्करों व अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. देर शाम सदर अस्पताल में दारोगा व मृत शराब तस्कर के शव का पोस्टमार्टम किया गया.
Posted By: utpal kant
