शेखपुरा में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान लिपिक (बड़ा बाबू) अभिमन्यु पांडेय को सरकारी कार्यालय में शराब के नशे में हंगामा करने के आरोप में उत्पाद विभाग ने गिरफ्तार किया है.
उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने पर पता चला कि उनके खिलाफ पहले भी शराब पीने का मामला दर्ज किया जा चुका है. पिछले वर्ष ही वे पहली बार शराब पीने के जुर्म में जुर्माना भरकर न्यायालय से मुक्त हुए थे.
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए उत्पाद थानाध्यक्ष अमित आनंद ने बताया कि बुधवार की संध्या को जिलाधिकारी के पास इस आशय की एक शिकायत पहुंची कि पीएचईडी कार्यालय में प्रधान लिपिक अभिमन्यु पांडेय शराब के नशे में धुत होकर जमकर हंगामा कर रहे हैं.
जिलाधिकारी से प्राप्त कड़े निर्देशों के आलोक में उत्पाद विभाग के सहायक अवर निरीक्षक अमरजीत कुमार और दिनेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस बल तुरंत लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यालय जा पहुंचा.
ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में हुई पुष्टि
उत्पाद विभाग की टीम ने कार्यालय पहुंचकर आरोपी प्रधान लिपिक के सांस की 'ब्रेथ एनालाइजर' मशीन से जांच की. मशीन से हुई इस जांच में उनके द्वारा शराब पीने की पूरी पुष्टि हो गई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया.
न्यायालय ने भेजा जेल
इसके पश्चात, गुरुवार को सदर अस्पताल में चिकित्सीय जांच आदि की सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें उत्पाद मामलों के विशेष न्यायाधीश सतीश कुमार झा के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया. न्यायालय द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में लेते हुए 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है.
सरकारी कार्यालय के भीतर शराब सेवन और इस तरह के शर्मनाक हंगामे की यह खबर पूरे जिले में जंगल की आग की तरह तेजी से फैल गई, जिससे प्रशासनिक हलकों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है.
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