Sheikhpura News (सत्येंद्र कुमार की रिपोर्ट): शेखपुरा जिले में जिला प्रशासन की पहल पर ‘जिला हब फॉर विमेन’ की टीम ने ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सराहनीय कदम उठाया है. सदर प्रखंड की पैन पंचायत, शेखोपुरसराय प्रखंड की बेलाव पंचायत और बरबीघा प्रखंड की सामसखुर्द पंचायत स्थित तीन ईंट-भट्ठों पर संचालित अक्षर लर्निंग सेंटर के 125 बच्चों के बीच ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत विशेष स्कूल किट का वितरण किया गया.
बच्चों को मिली पढ़ाई की जरूरी सामग्री
वितरण कार्यक्रम के दौरान बच्चों को स्कूल बैग, पानी की बोतल, कॉपियां, स्लेट, किताबें, ड्राइंग बुक, पेंसिल बॉक्स और क्रेयॉन रंग उपलब्ध कराए गए. सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे. अधिकारियों ने कहा कि यह पहल बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई के लिए प्रेरित करने और उनके शैक्षणिक विकास में मददगार साबित होगी.
महिलाओं और किशोरियों को किया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान ईंट-भट्ठों पर काम करने वाली महिलाओं और किशोरियों के बीच विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया गया. उन्हें माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई. साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी साझा की गई.
बेटियों को भी स्कूल भेजने की अपील
जिला हब फॉर विमेन की टीम ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे बेटों के साथ-साथ बेटियों को भी नियमित रूप से स्कूल भेजें. शिक्षा ही बच्चों को आत्मनिर्भर बनाती है और उनके बेहतर भविष्य की नींव तैयार करती है. टीम ने कहा कि शिक्षित समाज ही विकास का आधार है.
शिक्षा और जागरूकता से बदलेगा भविष्य
जिला मिशन समन्वयक पंकज कुमार वर्मा ने कहा कि शिक्षा वह माध्यम है, जिससे बच्चे अपने परिवार और समाज की तस्वीर बदल सकते हैं. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य ईंट-भट्ठों पर रहने वाले महादलित, वंचित और श्रमिक परिवारों के बच्चों एवं महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों की मुख्यधारा से जोड़ना है. इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
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