Barbigha Canal Water Shortage : शेखपुरा के बरबीघा क्षेत्र की मिरजैन और बरगैन नहर में आवश्यकता के अनुसार पानी की आपूर्ति नहीं होने से किसानों की सिंचाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गयी है. किसानों के एक दल ने शनिवार को शेखपुरा के जिलाधिकारी शेखर आनंद को आवेदन देकर नहरों में सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की. किसानों ने नहरों में जलप्रवाह बाधित होने के पीछे निर्माण और पुनर्स्थापन कार्य में तकनीकी त्रुटियों का आरोप लगाया है.
मिरजैन नहर से 4,400 हेक्टेयर कृषि भूमि की होती है सिंचाई
किसानों ने डीएम को दिये आवेदन में बताया कि बरबीघा के हजारों किसानों के लिए मिरजैन नहर मुख्य नहर है. इसकी लंबाई करीब 22 किलोमीटर है और इसके माध्यम से लगभग 4,400 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है. वहीं, बरगैन नहर की लंबाई करीब 11.6 किलोमीटर है, जिससे लगभग 1,440 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होती है.
नहरों में कई जगह जलप्रवाह बाधित होने का आरोप
किसानों का आरोप है कि दोनों नहरों के नव निर्माण और पुनर्स्थापन कार्य में तकनीकी त्रुटियों के कारण कई स्थानों पर जलप्रवाह बाधित हो रहा है. इसके कारण नहर के मध्य, अंतिम और अन्य हिस्सों तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है. पानी की कमी के चलते किसानों को सिंचाई कार्य में परेशानी हो रही है.
समय पर पानी नहीं मिलने से फसल प्रभावित होने की आशंका
किसानों का कहना है कि समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इससे क्षेत्र के कृषि उत्पादन पर असर पड़ने के साथ किसानों के सामने आर्थिक परेशानी भी उत्पन्न हो सकती है.
डीएम से स्थल निरीक्षण और जांच की मांग
किसानों ने जिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थल निरीक्षण और जांच कराने की मांग की है. साथ ही नहरों में जलप्रवाह में आ रही बाधाओं को दूर कराने तथा मिरजैन और बरगैन नहर में आवश्यकता के अनुसार सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभाग और अधिकारियों को निर्देश देने का आग्रह किया है.
पर्याप्त पानी मिलने से किसानों को मिलेगी राहत
किसानों ने कहा कि समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी. आवेदन देने वाले किसानों के दल में बरबीघा के पूर्व नगर अध्यक्ष अजय सिंह, किसान राजीव सिंह, गोवर्धन सिंह तथा पूर्व मुखिया व किसान चुनचुन सिंह समेत अन्य लोग शामिल थे.
ठोस पहल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर नहरों में निर्बाध जलापूर्ति की दिशा में जल्द कोई ठोस पहल नहीं की गयी तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.
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