शिवहर से मनीष नंदन सिंह की रिपोर्ट
Sheohar News: विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर शिवहर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) की ओर से विशेष विधिक जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और कानूनी सहायता संबंधी सुविधाओं की जानकारी देना था. इस दौरान बुजुर्गों की समस्याएं भी सुनी गईं और उन्हें मौके पर ही विधिक परामर्श उपलब्ध कराया गया.
कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष दीपक कुमार के मार्गदर्शन में किया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व डीएलएसए के सचिव सह न्यायिक पदाधिकारी ललन कुमार रजक ने किया.
बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं : सचिव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएलएसए सचिव ललन कुमार रजक ने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की धरोहर हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि यदि किसी बुजुर्ग के साथ दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की घटना होती है तो जिला विधिक सेवा प्राधिकार उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए हमेशा तैयार है.
वरिष्ठ नागरिक कानून की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में “माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007” के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई. अधिकारियों ने बताया कि इस कानून के तहत वरिष्ठ नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी मदद ले सकते हैं और जरूरत पड़ने पर संबंधित प्राधिकार से सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक ने मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा बुनियाद केंद्र जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बुजुर्गों को इन योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी समझाई.
साइबर ठगी से बचने की दी सलाह
कार्यक्रम में सवेरा स्वयंसेवी संगठन के सचिव मोहन कुमार ने वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया. उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, केवाईसी संबंधी जानकारी, बैंक विवरण या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए. ऐसा करने से साइबर ठगी का खतरा बढ़ सकता है.
समाज की जिम्मेदारी पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान पेंशनर समाज जिला शाखा शिवहर के सचिव रामपदार्थ सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता हरिद्वार राय पटेल ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल को समाज की नैतिक जिम्मेदारी बताया.
