शिवहर के पिपराही से मो. मकसूद आलम की रिपोर्ट
Sheohar News: पिपराही प्रखंड मुख्यालय स्थित संसाधन केंद्र पर रविवार को बिहार शिक्षा परियोजना के ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के तहत सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) टीम का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों की व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करना है.
1. प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु और ट्रेनर
- किसने दिया प्रशिक्षण: कार्यक्रम में बिहार शिक्षा परियोजना के मीडिया प्रशिक्षक के.के. वर्मा और सामाजिक अंकेक्षण इकाई के जिला संसाधन सेवी (DRP) सी.पी. नरेन्द्र नारायण ने टीम को प्रशिक्षित किया.
- प्रतिभागी: इस दौरान सामाजिक अंकेक्षण इकाई में कार्यरत सभी एसआरपी (SRP) और एआरपी (ARP) को ऑडिट की बारीकियां समझाई गईं.
2. टीम को क्या सिखाया गया? (ऑडिट का फोकस)
सामाजिक अंकेक्षण का मुख्य मकसद सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को बढ़ाना और कमियों को दूर करना है:
- गुणवत्ता की जांच: टीम को स्कूलों की आधारभूत संरचना (Infrastructure) और पठन-पाठन की गुणवत्ता को बारीकी से परखने के निर्देश दिए गए हैं.
- संवाद और फीडबैक: ऑडिट के दौरान अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) और शिक्षकों से बातचीत कर महत्वपूर्ण प्रपत्रों (Forms) को सही तरीके से भरने की जानकारी दी गई.
3. 77 स्कूलों में होगा ऑडिट, 25 मई से पहला चरण शुरू
पिपराही प्रखंड के कुल 77 विद्यालयों में यह सामाजिक अंकेक्षण किया जाना है, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा.
- पहला चरण (25 से 29 मई): ऑडिट अभियान की शुरुआत धनकौल पंचायत से होगी, जहां प्रारंभिक रूप से 7 विद्यालयों में टीम काम करेगी.
- शामिल स्कूल: इनमें प्रा० वि० बुनियादगंज, म० वि० धनकौल, प्रा० वि० बरवार टोला धनकौल, प्रा० वि० धनकौल, प्रा० वि० हरपुरबैल, म० वि० हरपुर और उ० मा० वि० धनकौल शामिल हैं.
