Sheohar News: खेती को मौसम की चुनौतियों से बचाने और खरीफ सीजन की बेहतर तैयारी को लेकर शिवहर जिले में किसानों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. पिपराही और तरियानी प्रखंड के विशम्भरपुर में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) और आत्मा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “खेत बचाओ सह खरीफ अभियान” में 150 से अधिक किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती, जल संरक्षण और नई कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई.
दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और प्रमुख ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. अधिकारियों ने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर खेती करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की.
वैज्ञानिकों ने बताए आधुनिक खेती के उपाय
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सौरभ शंकर पटेल ने संभावित कमजोर मानसून को देखते हुए किसानों को धान की सीधी बुवाई, बीजोपचार और नैनो डीएपी के उपयोग की सलाह दी. उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के बीच वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल कर किसान उत्पादन बढ़ा सकते हैं और लागत भी कम कर सकते हैं.
जैविक खेती और अजोला पर विशेष जोर
कार्यक्रम में डॉ. एन.एम.एच. एनलिंग ने किसानों को जैविक खेती के फायदे बताए. उन्होंने पशुपालन और खेती में अजोला के उपयोग की जानकारी देते हुए इसे कम लागत में बेहतर विकल्प बताया. वहीं प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने किसानों को “स्वर्ण पूर्वी धान-2” किस्म की विशेषताओं और इसकी उत्पादकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
फार्मर रजिस्ट्री और कृषि ऐप की जानकारी
बीटीएम हैदर अली खान और जितेंद्र कुमार ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने के फायदे बताए. साथ ही बिहार कृषि ऐप के माध्यम से सरकारी योजनाओं, मौसम और कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त करने के तरीके भी समझाए.
